भोपाल, 31 अक्टूबर 2026: जब भी कोई आम आदमी आवाज उठता है तो बिजली कंपनी बड़ी चतुराई से आवाज उठाने वाले को ही गलत साबित कर देती है लेकिन यहां मामला फंस गया। मुरैना के अंबाह ब्लॉक के शासकीय प्राथमिक विद्यालय कुरहारा में सिर्फ दो पंखे और तीन बल्ब हैं, फिर भी नए स्मार्ट मीटर लगने के बाद एक महीने का बिल ₹40,686 आ गया।
पुरुषोत्तम चौधरी, वरिष्ठ शाला शिक्षक, शासकीय प्राथ.विद्या. कुम्हरपुरा, ब्लॉक अंबाह जिला मुरैना मध्यप्रदेश ने कलेक्टर को बताया कि, स्कूल में तीन कमरे हैं। बिजली का इस्तेमाल बहुत कम होता है। सिर्फ दो पंखे और तीन बल्ब लगे हुए हैं। इसके अलावा कोई उपकरण ही नहीं है। स्कूल सीमित समय तक चलता है और एक अतिरिक्त जर्जर कमरे का इस्तेमाल भी नहीं हो रहा।
पहले स्कूल में आधिकारिक बिजली कनेक्शन नहीं था। पिछले महीने स्मार्ट मीटर लगाया गया। अब नए मीटर से एक महीने का बिल ₹40,686 आ गया। पुराने और नए बिल मिलाकर कुल बकाया ₹94,624 बताया गया है।स्कूल के शिक्षक पुरुषोत्तम चौधरी ने मुख्यमंत्री, कलेक्टर, ऊर्जा विभाग और राष्ट्रीय उपभोक्ता संरक्षण मंच को लिखित शिकायत दी है। उन्होंने बिल की जांच कराकर गलत राशि निरस्त करने की मांग की है।
बिजली कंपनी का जवाब:
अंबाह ब्लॉक के ईई उमेश विश्वकर्मा के अनुसार, मीटर रीडिंग में दो अंक दर्ज होने चाहिए थे, लेकिन ऑपरेटर ने गलती से पांच अंक डाल दिए। इसी वजह से इतना बड़ा बिल जनरेट हो गया। उन्होंने कहा कि जांच करके बिल सुधार दिया जाएगा। मुरैना के पत्रकारों ने जब सवाल किया कि, यदि मीटर की रीडिंग में गलती की संभावना है तो फिर स्मार्ट मीटर में स्मार्ट क्या है?
कोई आम आदमी होता तो बिजली कंपनी के अधिकारी उसको चोर साबित कर देते लेकिन मामला सरकारी स्कूल का है। स्कूल की हालत सबको दिखाई दे रही है। जब स्कूल में कोई बिजली का उपकरण ही नहीं है तो फिर बिजली खर्च कैसे होगी। इसलिए बिजली कंपनी वालों के पास कोई चारा नहीं था। अंत में उन्होंने पिछले महीने का बिजली का बिल 40686 रुपए से घटाकर 624 रुपए कर दिया लेकिन अभी भी पिछला बकाया ₹54,000 का कोई समाधान नहीं किया है जबकि जिस अवधि में 54000 की बिजली खर्च होना बताया जा रहा है, तब तो स्कूल के पास बिजली कनेक्शन भी नहीं था।


