मुख्यमंत्री ने बोली कर्मचारी संघों और कर्मचारियों के मन की बात: TEAM RSKASS

Updesh Awasthee
भोपाल, 8 अक्टूबर 2026:
राज्य शासकीय कर्मचारी अधिकार संरक्षण संघ ने प्रदेश के मुखिया माननीय मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा मध्य प्रदेश राज्य के विभागो व शासन प्रणाली को समझते हुए नौकरशाहो पर "समस्याओं को जलेबी की तरह घुमाने संबंधी तंज़(बयान) में  कर्मचारी  समस्याओं के निराकरण में लेटलतीफी ओर लापरवाही को महसूस कर कर्मचारी कल्याण में कर्मचारी हितेषी नियमों ओर नीतियों के बाद भी लाभ से वंचित व उलझाने का दर्द बयां किया गया है। 

संगठन के  निवर्तमान अध्यक्ष एवं संरक्षक श्री शील प्रताप सिंह पुंडीर,प्रांताध्यक्ष, श्री व्यास मुनि चौबे कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ देवी सिंह सनोदिया उपाध्यक्ष श्री भगवान सिंह ठाकुर सचिव श्री सुग्रीव सिंह जिलाध्यक्ष प्रणव खरे आदि शीर्ष कर्मचारी नेताओं ने जारी संयुक्त बयान में बताया है कि वर्षों से सरकारी विभागों में कर्मचारी कल्याण संबंधी समस्त कार्यक्रम ठप्प पड़े हुए हैं। वही मुख्यमंत्री जी की पहल पर मध्य प्रदेश में वर्षों से बंद पदोन्नतियां प्रारंभ होने के बाद विभागीय संरचनाओं के पदों की अस्थिरता पर विराम लगने की संभावना प्रबल हुई है,

वही तृतीय चतुर्थ एवं दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों की सरकारी विभागों के नौकरशाहो द्वारा की गई अपेक्षा का परिणाम है कि हर कर्मचारी अपने न्यायिक हितों उचित मांगों को लेकर विभाग की उपेक्षा के खिलाफ,प्रदेश के विभिन्न न्यायालय में न्याय हेतु धक्के खाने को विवश हो रहे है। 

वही कर्मचारी मामलों की बढ़ोत्तरी के कारण इसे नौकरशाही के कारण सरकार पर करोड़ो की राशि का वित्तीय विधि व्यय भार वहां करना पड़ रहा है।को विधि प्रकरणों को सभी को विभागों द्वारा सिर्फ घुमाने और यहां से वहां पहुंचाने और भटकाने का कार्य किया जा रहा है, जिससे प्रदेश के अल्प वेतन भोगी तृतीय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी एवं श्रमिक सेवक शासकीय नीतियों का शासन द्वारा बनाए गए नियमों का पूर्ण लाभ प्राप्त करने में नाकामयाब हो रहे हैं। मुख्यमंत्री जी द्वारा सार्वजनिक रूप से प्रशासकीय प्रक्रियाओं को लेकर दी गई प्रतिक्रिया यह की अधिकारी समस्याओं को जलेबी जैसा घुमाना बंद करें, यह सच्चाई एवं कर्मचारियों का दर्द बयां किया गया है संगठन मांग करता है के मध्य प्रदेश राज्य में के सर्वांगीण विकास में जमीनी व निचले तबके के कर्मचारी हैं जो सरकारी योजनाओं को धरातल पर मूर्त रूप देते हैं उन तृतीय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों एवं आउटसोर्स कर्मचारी संविदा संवर्गों के सेवकों के संबंध में उनकी मांगों को सम्मान दिलाए जाने हेतु प्राथमिकता पूर्वक कर्मचारी कल्याण कार्यक्रमों पर बोल दिया जाना आवश्यक है ताकि इन कर्मचारियों को सामान्य प्रशासन विभाग के प्रदत्त प्रावधानों एवं श्रम कानून एवं उच्च न्यायालय से लेकर सर्वोच्च न्यायपालिकाओं के आदेशों के अनुरूप पूर्ण लाभ प्राप्त हो सके ।

संगठन ने मुख्यमंत्री द्वारा कर्मचारी कल्याण कार्यक्रमों को लेकर ली जा रही रुचि एवं दिखाई जा रही तत्परता की सराहना करते हुए कर्मचारी हितेषी सोच के प्रति आभार व्यक्त किया गया है। 
रिपोर्ट: सुग्रीव सिंह, प्रदेश सचिव।

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