नीमच, 13 सितंबर 2026: इथेनॉल फैक्ट्री में रविवार को छुट्टी के दिन काम पर बुलाए गए एक युवा कर्मचारियों की मौत हो गई। विरोध में ग्रामीणों ने नीमच मंदसौर हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। उनका कहना था कि कंपनी मैनेजमेंट की लापरवाही के कारण, फैक्ट्री में कर्मचारी लगातार हादसे का शिकार हो रहे हैं। आज एक कर्मचारी की मौत हो गई।
कृपा बायोटेक एथेनॉल फैक्ट्री नीमच का मामला
मध्य प्रदेश के नीमच जिले में कृपा बायोटेक एथेनॉल फैक्ट्री का संचालन होता है। यह ग्राम पंचायत क्षेत्र में स्थित है। रविवार को छुट्टी के दिन कंप्यूटर ऑपरेटर मनीष भाटी (पिता गणपत लाल भाटी), उम्र 32 वर्ष को काम करने के लिए बुलाया गया था। इलेक्ट्रिक वायरिंग की मेंटेनेंस की कमी के कारण करंट फैल गया और मनीष भाटी हादसे का शिकार हो गया। साथी कर्मचारियों ने प्राइवेट वाहन से उसको अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां इलाज के दौरान मनीष की मौत हो गई। मनीष की शादी करीब दो साल पहले हुई थी। उसकी पत्नी सात महीने की गर्भवती है। मनीष ही घर का मुख्य कमाने वाला था। उसकी मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
नीमच मंदसौर हाईवे पर चक्का जाम
मनीष भाटी की मौत के बाद इलाके के लोगों ने नीमच मंदसौर हाईवे पर चक्का जाम कर दिया। उनका कहना था की फैक्ट्री में इतना बड़ा हादसा हो गया। मैनेजमेंट के लापरवाही के कारण पहले भी कई कर्मचारी हादसे का शिकार हो चुके हैं। इस बार परिवार के एकमात्र कमाने वाले बेटे की मौत हो गई, इसके बाद भी फैक्ट्री की तरफ से ना तो फैक्ट्री के मालिक आए और ना ही उन्होंने किसी अधिकारी को भेजा। एक्सीडेंट के बाद से लेकर अंतिम संस्कार तक, फैक्ट्री की तरफ से कोई नहीं था। लोगों का कहना है कि, फैक्ट्री का नियमित रूप से मेंटेनेंस नहीं किया जा रहा है। ओवरटाइम करवाया जा रहा है और बिहार से मजदूर लाकर उनसे काम करवाया जा रहा है। कुछ दिनों पहले बिहार से बुलाए गए एक मजदूर के हाथ टूट गए थे।
फिलहाल पुलिस के आश्वासन के बाद चक्का जाम तो खुल गया है लेकिन इथेनॉल आजकल एक अत्यंत जलनशील मुद्दा है, इसकी आज इतनी आसानी से शांत हो जाएगी, कहा नहीं जा सकता।

