भोपाल, 7 सितंबर 2026: सागर शराब कांड में अब तक 30 आरोपियों के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 49-ए के तहत मामला दर्ज किया जा चुका है। इस घटनाक्रम में यह सबसे बड़ी खबर है क्योंकि इस धारा के तहत मृत्युदंड तक की सजा का प्रावधान है। न्यूनतम सजा आजीवन कारावास और 20 लाख रुपए का जुर्माना है। उप-मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि इस मामले में हम किसी को नहीं छोड़ेंगे। जो भी दोषी होगा उसे सजा दी जाएगी।
चाहे वह बड़ा हो या छोटा, सख्त कार्रवाई होगी
सागर की घटना को लेकर उप-मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने 7 सितंबर को मीडिया से कहा कि सागर जिले के जहरीली शराब सेवन मामले में जिन लोगों की संलिप्तता सामने आई है, उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। संबंधित अधिकारियों को निलंबित किया गया है। ऐसे में जो भी इस मामले में दोषी पाया जाएगा, चाहे वह बड़ा हो या छोटा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इस मामले से संबंधित किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि शराब घटना के पूरे मामले की जांच जारी है।
जरूरी कदम उठा रही सरकार
उप-मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि वर्तमान में 30 आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 49-ए के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। जबकि 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि जहरीली शराब के सेवन से 13 लोगों की दुखद मृत्यु हुई है। अन्य प्रभावितों का उपचार जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मृतकों के परिवारों को राज्य सरकार की ओर से 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की स्वीकृति दी है। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सरकार आवश्यक कदम उठा रही है। दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के साथ ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम (संशोधन) विधेयक, 2021 के तहत प्रावधान किया गया है कि यदि जहरीली शराब के सेवन से किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो इस अपराध के लिये दोषी को आजीवन कारावास या मृत्युदंड और न्यूनतम 20 लाख रुपए तक का जुर्माना से दंडित किया जाएगा। यह प्रावधान भारत के कई राज्यों में नहीं है लेकिन मध्य प्रदेश सरकार ने अवैध शराब के कारोबार को पूरी तरह से बंद करने के लिए यह संशोधन किया था।

