खिसियानी कांग्रेस, रेडियम नोचे: मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की सफलता से पटवारी परेशान: मिश्रा

Updesh Awasthee
भोपाल, 26 सितंबर 2026:
मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने सोचा था कि इधर "मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा" लॉन्च होगी और उधर हम पूरे मध्य प्रदेश में चक्काजाम करवा देंगे परंतु मोहन यादव सरकार ने न्यायपूर्ण कदम उठाया जिसके कारण कांग्रेस का सपना चकनाचूर हो गया। अब खिसियानी कांग्रेस, परिवहन सेवा में शामिल की गई बसों का रेडियम नोच रही है। यह बात पॉलीटिकल एनालिस्ट श्री प्रभात मिश्रा ने कही। श्री मिश्रा ने इस पूरे मुद्दे को तीन सरल पॉइंट्स में समझाया है:

बात को 3 सरल पॉइंट में समझिए

1. जैसे ही "मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा" की घोषणा हुई, कांग्रेस के नेताओं की आंखें चमक उठी। योजना में मूल रूप से लिखा हुआ है कि, मध्य प्रदेश में 25000 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा, जो 17000 से अधिक ग्राम पंचायत को कनेक्ट करेंगी। कांग्रेस नेताओं की आंखें इसलिए समोगेटिव की उनको लगा, यदि इतनी सारी "इलेक्ट्रिक बस" एक साथ आ जाएगी तो प्राइवेट बस ऑपरेटरों को, बर्बादी का डर दिखाकर बड़ी आसानी से पूरे प्रदेश में चक्काजाम करवा सकते हैं। प्रदर्शन वह करेंगे और फायदा हमको मिलेगा। 

2. डॉ मोहन यादव सरकार ने "मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा" में प्राइवेट बस ऑपरेटरों को भी सुरक्षा प्रदान कर दी। उनका विकल्प दिया गया कि जो बस आप चला रहे हो, उसको इस योजना के तहत संचालित करो। मतलब आपकी बस में सुरक्षा के सभी इंतजाम होनी चाहिए और किराए में मनमानी नहीं होनी चाहिए। बहुत सारे बस ऑपरेटर मान गए क्योंकि योजना में शामिल होने से उनको ग्रामीण क्षेत्र की ऐसी समस्याओं से मुक्ति मिलती है, जिसका सामना वह अकेले नहीं कर सकते थे। लोकल के बदमाश जो फ्री में यात्रा करते हैं, दूसरे यात्रियों से अधिक किराया लेकर बस संचालक को कम किराया देते हैं, विरोध करने पर बस का नुकसान कर देते हैं, स्टाफ के साथ मारपीट करते हैं, कई बार तो सड़क पर रांपी लगा देते हैं। और फिर वह बैरिकेड वाली समस्या भी तो है, जो सबको पता है लेकिन कोई कुछ कर नहीं पता क्योंकि यात्री बस का संचालन करना है। योजना के तहत बस में सीसीटीवी कैमरा लग जाएगा, बस का संचालन सरकार के नियम के अनुसार होगा। मतलब सारा झगड़ा ही खत्म हो गया। 

3. तो फाइनली हुआ यह की प्राइवेट बस ऑपरेटरों के मन में आज नहीं लगी, कांग्रेस पार्टी को घी डालने का मौका नहीं मिला। तो खिसियाकर, योजना के अंतर्गत शामिल की गई पुरानी बसों का रेडियम नोच रही है, और रेडियम का वीडियो दिखा कर, जनता को यह बताने की कोशिश कर रही है कि बस खटारा रहा है। जबकि असलियत यह है कि, योजना में शामिल की गई बस नई हो या पुरानी। उसमें इन बातों की गारंटी है:- 
  • बस की फिटनेस परफेक्ट है। इसमें कोई डिबेट नहीं है। 
  • प्रत्येक बस में सीसीटीवी कैमरा है और वह काम कर रहा है। 
  • प्रत्येक बस में पैनिक बटन है और वह काम कर रहा है। 
  • प्रत्येक बस में इमरजेंसी द्वारा है और उसको किसी स्लीपर बर्थ या सीट से बंद नहीं किया गया है। 
  • प्रत्येक बस की जीपीएस मॉनिटरिंग होगी मतलब बस की लाइव लोकेशन मिलती रहेगी। 
  • ऑनलाइन टिकट की सुविधा होगी, मतलब यात्री अपने घर बैठे भी अपनी सीट आरक्षित कर सकते हैं। 
  • यात्रियों की शिकायतों के समाधान के लिए सिस्टम मनाया गया है ताकि यदि योजना में कोई सुधार की आवश्यकता हो तो किया जा सके। 
  • बस की ड्राइविंग केवल वही ड्राइवर कर पाएगा जिसको स्पेशल ट्रेनिंग दी गई है। मतलब यदि ड्राइवर की तबीयत खराब है तो उसका मोड़ा बस नहीं चला सकता। 

तो योजना का मतलब है ऊपर दिए गए पॉइंट, जिसके कारण यात्री परेशान थे। बसों को एक योजना के अंतर्गत लिया गया है इसलिए सभी बसों की एक कलर थीम है। 2-3 बसों में रेडियम वर्क की शिकायत आई है, जिसके कारण यात्रियों की सुरक्षा को कोई खतरा नहीं है। और कांग्रेस को देखिए, 351 में से तीन बसों में रेडियम वर्क की शिकायत के कारण, सभी बसों को "खटाला" बता रहे हैं। (कांग्रेस के आरोप यहां क्लिक करके पढ़ सकते हैं) जनता को सुरक्षा मिल रही है और कांग्रेस को कष्ट हो रहा है, क्योंकि कांग्रेस चाहती है कि जनता कष्ट में रहे, ताकि सरकार के खिलाफ एंटी-इनकंबेंसी बने और चुनाव में उनका फायदा हो जाए। 

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!