इंदौर, 9 सितंबर 2026: नदी किनारे मकान बनाना अवैध और कारखाना बनाना अपराध है, इसके बावजूद लोग फील्ड के अधिकारियों की लापरवाही का फायदा उठाकर निर्माण कर लेते हैं और फिर कोर्ट कचहरी के चक्कर में मामले को उलझाकर फायदा उठाते हैं। यदि प्रशासन कार्रवाई करना चाहे तो मजदूरों के बच्चों और महिलाओं को आगे करके आंदोलन करवा देते हैं। ऐसी कोई स्थिति बन पाती इससे पहले इंदौर में नगर निगम द्वारा कान्ह नदी के किनारे बने हुए 45 कारखाने और 7 मकान हटा दिए।
आज नगर निगम, जिला प्रशासन ओर पुलिस प्रशासन के साथ संयुक्त कार्यवाही करते हुए साउथ तोड़ा पर कान्ह नदी के किनारे विद्या गौड़ धर्मशाला से सेंट अबू स्कूल तक नदी किनारे 30 मीटर की परिधि में स्थित 7 मकान एवं 45 से अधिक कारखाने को हटाने की कार्यवाही की गई। नगर निगम इंदौर का कहना है कि उपरोक्त निर्माण हटाने के लिए मकान मालिक एवं कारखाना स्वामियों को सूचना पत्र देकर सुनवाई भी की गई थी तथा पर्याप्त अवसर दिया गया था। इसके साथ ही 24 घंटे पूर्व भी हटाने के लिए सूचना पत्र दिए गए थे एवं विगत दिवस मुनादी भी कराई गई थी। उसके उपरांत भी निर्माण हटाने कार्यवाही नहीं करने पर नगर निगम, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन द्वारा आज संयुक्त कार्यवाही करते हुए हटाने की कार्यवाही की गई।
कार्यवाही के दौरान एसडीम श्री घनश्याम धनगर भवन अधिकारी श्री अंकेश बरथरिया,श्री राहुल रघुवंशी, श्री गीतेश तिवारी,भवन निरीक्षक श्री अभिनव राय, रिमूवल सुपरवाइजर श्री बबलू कल्याण, पुलिस प्रशासन के अधिकारी एवं अन्य अधिकारी ऊपर उपस्थित थे।

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