भोपाल में परिवहन मंत्री ने यात्री बसों के बाद टैक्सी का किराया बढ़ाया

Updesh Awasthee
भोपाल, 19 अगस्त 2026
: मध्य प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने यात्री बसों के किराए में वृद्धि के बाद आज टैक्सी का किराया भी बढ़ा दिया। भोपाल में OLA और Uber कंपनी के साथ काम करने वाले टैक्सी ड्राइवर हड़ताल कर रहे थे। उनका कहना था कि कंपनी बहुत ज्यादा कमीशन ले रही है, कमीशन में कटौती होनी चाहिए। परिवहन मंत्री ने उनको बातचीत के लिए बुलाया और टैक्सी के किराए में वृद्धि कर दी। मतलब कंपनियों को भी लॉस नहीं हुआ, ड्राइवर की भी कमाई बढ़ जाएगी और जनता पर 15% अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा तो वह कौन सा हड़ताल करने वाली है। 

बैठक में भोपाल टैक्सी चालक संघ और टैक्सी यूनियन कल्याण समिति सम्पूर्ण भारत के प्रतिनिधियों के साथ ओला, उबर और रैपिडो जैसी एग्रीगेटर कंपनियों के क्षेत्रीय अधिकारी भी शामिल हुए। परिवहन मंत्री ने एग्रीगेटर कंपनियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि जब तक राज्य में नई किराया प्रणाली लागू नहीं हो जाती, तब तक सभी कंपनियों को चालकों के वर्तमान किराए में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी करनी होगी। इसके अलावा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म यानी ऐप से प्राइवेट नंबर प्लेट वाले वाहनों (कार और बाइक) को तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश दिया गया है। 

मध्य प्रदेश में मोटर वाहन अधिनियम लागू किया जाएगा

बैठक में निर्णय लिया गया कि मध्य प्रदेश में मोटर वाहन अधिनियम लागू किया जाएगा, जिससे एग्रीगेटर कंपनियों पर सरकार का सीधा नियंत्रण हो सकेगा। चालकों के हित में राज्य सरकार द्वारा एक नई किराया प्रणाली लागू की जाएगी। इसके लिए परिवहन विभाग और टैक्सी यूनियनों के पदाधिकारियों को मिलाकर एक विशेष कमेटी का गठन किया जा रहा है। यह कमेटी अन्य राज्यों में लागू किराया प्रणालियों का अध्ययन करेगी और 15 से 20 दिनों के भीतर सर्वसम्मति से मध्य प्रदेश के लिए नई किराया नीति का ड्राफ्ट तैयार करेगी।

सभी एग्रीगेटर कंपनियों को इस कमेटी द्वारा तय दरों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। साथ ही कंपनियों को भोपाल में अपने आधिकारिक कार्यालय भी खोलने होंगे, ताकि चालकों की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर निवारण किया जा सके।

फेस्टिवल सीजन से पहले किराए में 15% की तत्काल वृद्धि से ड्राइवर यूनियन खुश

भोपाल टैक्सी चालक संघ (सम्बद्ध भारतीय मजदूर संघ) के महामंत्री राजेश कुमार नागले ने बताया कि यह हमारे संघ और संयुक्त मोर्चे के संघर्ष की बड़ी जीत है। परिवहन मंत्री ने हमारी सभी प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है। प्राइवेट वाहनों को कमर्शियल तौर पर चलाने से हमारे वैध टैक्सी चालकों का रोजगार प्रभावित हो रहा था, जिस पर अब रोक लगेगी। किराए में 15% की तत्काल वृद्धि से चालकों को आर्थिक राहत मिलेगी।

भोपाल में लोकल टैक्सी वालों की हड़ताल वापस

टैक्सी यूनियन कल्याण समिति सम्पूर्ण भारत के वरिष्ठ राष्ट्रीय सचिव नफीस उद्दीन ने बताया कि हमारा मुख्य उद्देश्य कैब चालकों के अधिकारों की रक्षा करना और एग्रीगेटर कंपनियों की मनमानी पर अंकुश लगाना था। सरकार द्वारा मोटर वाहन अधिनियम लागू करने और नई किराया नीति के लिए कमेटी बनाने के फैसले से अब कंपनियों पर शासन का नियंत्रण रहेगा। कमेटी में यूनियन के सदस्य भी शामिल रहेंगे, जिससे चालकों के हित में पारदर्शी किराया तय हो सकेगा। मांगें पूरी होने के बाद हड़ताल वापस ले ली गई है।
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