BHOPAL में नेताओं के हाथों में पौधे लगवाने के लिए, 700 हरे भरे पेड़ कटवा दिए

Updesh Awasthee
भोपाल, 7 अगस्त 2026:
BMC मतलब भोपाल म्युनिसिपल कॉरपोरेशन, आजकल बनाने के लिए कम और बिगड़ने के लिए ज्यादा बदनाम है। सावन के महीने में नेताओं के हाथों पौधे लगवाने हैं, बड़ा प्लांटेशन ड्राइव प्लान किया जा रहा है ताकि CM-PM के नोटिस में आ जाए, लेकिन इसके लिए वह 700 हरे भरे पेड़ कटवा दिए जो मैदान में लगे हुए थे। मतलब REEL में दिखाई देना चाहिए ना की बंजर जमीन पर पेड़ लगाए हैं। 

हरे भरे पेड़ों का सामूहिक हत्याकांड भोपाल के कलियासोत भदभदा क्षेत्र में किया गया है। शायद कोई स्पॉन्सर नहीं मिला होगा इसलिए पेड़ों के प्रति प्रेम प्रदर्शित करने वाले पर्यावरण के नेताओं ने यहां पर कोई चिपको आंदोलन नहीं किया। भोपाल नगर निगम का ठेकेदार, सरेआम हरे भरे पेड़ों की कटाई करता रहा। निवासियों का दावा है कि इस दौरान कई नीम, गूलर और शीशम के पेड़ काटे गए। जो कि पर्यावरण के लिए, इकोसिस्टम के लिए, और शास्त्रों के अनुसार देवताओं को प्रसन्न करने के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। लोकल के लोगों ने आपत्ति उठाई और यह बात मीडिया तक पहुंचाई। जब पत्रकारों ने सवाल जवाब शुरू किए, तब कहीं जाकर मामले की जांच की बात कही जा रही है। 

नगर निगम की ओर से बताया गया है कि, ठेकेदार रोहित पुरुषवानी को झाड़ियां हटाने, मैदान साफ करने के निर्देश दिए गए थे। ठेकेदार को यहां पर 10000 पौधे लगाने का ठेका दिया गया है। भोपाल नगर निगम के अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने कहा कि मामले की जांच का आदेश दिया गया है। प्रारंभिक जांच में ठेकेदार की लापरवाही सामने आई है, जिन्हें 3.5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। नगर निगम यह भी जांच कर रहा है कि क्या कोई अधिकारी इसमें शामिल थे या अपनी निगरानी जिम्मेदारियों में चूक हुई। 

सृष्टि सेवा संकल्प ने नगर निगम आयुक्त एवं वन मंडल अधिकारी को सौंपा ज्ञापन 

भोपाल। भोपाल में लगभग 700 पेड़ों की कटाई के गंभीर मामले को लेकर सृष्टि सेवा संकल्प द्वारा नगर निगम आयुक्त एवं वन मंडल अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर तत्काल जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की गई।

ज्ञापन में मांग की गई है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कर पेड़ों की कटाई के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों एवं संबंधित एजेंसियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। संगठन ने कहा कि बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई पर्यावरण संरक्षण के लिए गंभीर चुनौती है और ऐसे मामलों में लापरवाही या दोषियों को संरक्षण देना जनहित के विपरीत होगा।

सृष्टि सेवा संकल्प ने प्रशासन से आग्रह किया है कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।

संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि शीघ्र एवं प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो सृष्टि सेवा संकल्प जनहित में संविधान एवं कानून के दायरे में रहकर लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आगे की रणनीति तय करेगा।
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