भोपाल, 9 अगस्त 2026: CARA (Commercial activities in residential areas) मतलब रेजिडेंशियल इलाकों में कमर्शल गतिविधियों के खिलाफ भोपाल की 50 से ज्यादा कॉलोनियां एकजुट हो गई हैं। रेजिडेंशियल सोसायटी द्वारा आधिकारिक गठबंधन बना लिया है। आज शाम को कैंडल मार्च की प्लानिंग थी लेकिन बारिश होने लगी तो विरोध प्रदर्शन पोस्टपोन नहीं किया बल्कि फ्लैशलाइट मार्च निकाला गया।
Ex IAS कविन्द्र कियावत के नेतृत्व में पब्लिक एकजुट
अरेरा कॉलोनी के रहवासियों से शुरू हुई इस मुहिम को अब शहर की अन्य रहवासी समितियों का भी समर्थन मिल रहा है। गौतम नगर, विकास कुंज, कोलार रोड, नेहरू नगर, प्रियदर्शनी, रोहित नगर, रचना नगर, बावड़िया, साकेत नगर, भेल, कोटरा, लालघाटी, शक्तिनगर, शाहपुरा, गुलमोहर, डीके कॉटेज और ग्रीन सिटी सहित कई क्षेत्रों की समितियां संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति से जुड़ी हैं। समिति के अनुसार पूर्व आईएएस कविन्द्र कियावत, पूर्णेंदु शुक्ला, सुभाष पांडे, मोहन खरपते, सोमकांत उमलकर, अपर्णा वशिष्ठ, शुभ्रा गोयल, नीरज गुलाटी, कमल राठी, याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी, लवनीश भाटी सहित अन्य लोग आगे की रणनीति तैयार करेंगे।
Over 50 Bhopal Colonies Unite Against CARA, Hold Flashlight March Amid Heavy Rain
उल्लेखनीय है कि अरेरा कॉलोनी सहित भोपाल के कई रेजिडेंशियल इलाकों में बड़े पैमाने पर कमर्शल गतिविधियां चल रही है। कई प्राइम लोकेशन पर तो यह समझ में ही नहीं आता कि यह कोई कॉलोनी है या बाजार? छोटी-मोटी किराना स्टोर और ब्यूटी पार्लर इत्यादि की दुकान समझ में आती है लेकिन बड़े रेस्टोरेंट, अस्पताल, शोरूम, यहां तक की बैंकों की ब्रांच तक खुल गई है। दिनभर पार्किंग के कारण कॉलोनी के रोड ब्लॉक रहते हैं और रात के समय तेज म्यूजिक के कारण लोग सो नहीं पाते। सुप्रीम कोर्ट इन एक्टिविटीज को बंद करने का आदेश जारी कर चुका है लेकिन लोकल पॉलिटिक्स, सुप्रीम कोर्ट के आर्डर पर भारी पड़ रही है।

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