अमरकंटक। पवित्र नगरी अमरकंटक स्थित कल्याणिका केंद्रीय शिक्षा निकेतन का 29वाँ स्थापना दिवस समारोह सोमवार को शिक्षा, संस्कृति, आध्यात्मिकता और समर्पण के अद्भुत संगम के रूप में संपन्न हुआ। विद्यालय परिसर के हंसवाहिनी सभागार में आयोजित इस गरिमामय समारोह में संत-महात्माओं, जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, अभिभावकों, पत्रकारों तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 10:30 बजे मुख्य अतिथियों के स्वागत, दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इसके पश्चात अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मान किया गया। कनिष्ठ छात्राओं द्वारा प्रस्तुत स्वागत नृत्य ने समारोह में उल्लास और सौंदर्य का वातावरण निर्मित कर दिया।
स्थापना दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों ने बॉलीवुड मिक्स डांस, पंजाबी लोकनृत्य, समूह गीत तथा ‘तानाजी’ नृत्य-नाटिका प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। वरिष्ठ विद्यार्थियों की नाट्य प्रस्तुति ने राष्ट्रभक्ति, साहस और स्वाभिमान का संदेश दिया, जबकि जगन्नाथ अष्टकम की सामूहिक प्रस्तुति ने पूरे सभागार को भक्तिमय बना दिया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि परम तपस्वी वीतराग बाबा कल्याण दास जी महाराज ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि “यह संस्थान लगभग 28 वर्ष पूर्व एक संकल्प के रूप में स्थापित किया गया था। शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण करना है। हमें ऐसा भारत बनाना है जिसे पुनः कभी गुलामी का दंश न झेलना पड़े।” उन्होंने विद्यार्थियों से ज्ञान, चरित्र, अनुशासन और सेवा भाव को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया।
स्वामी हिमाद्री मुनि जी महाराज, प्रबंध न्यासी श्री कल्याण सेवा आश्रम अमरकंटक, ने संस्कारयुक्त शिक्षा को राष्ट्र की वास्तविक शक्ति बताते हुए विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक मूल्यों और मानवता के आदर्शों से जुड़े रहने की प्रेरणा दी।
समारोह का सबसे भावुक और प्रेरणादायी क्षण वह रहा जब विद्यालय के वरिष्ठ एवं समर्पित शिक्षकों को स्वामी हिमाद्री मुनि जी महाराज के करकमलों द्वारा सम्मानित किया गया। विद्यालय में दीर्घकालीन उत्कृष्ट सेवा एवं शैक्षणिक योगदान के लिए डॉ. श्रीराम त्रिपाठी, डॉ. रामसेवक कुशवाहा, श्रीमती अल्का शर्मा, श्रीमती पुष्पा सोनी, श्री अविनाश पटनायक तथा श्री चंदन सिंह को सम्मानित किया गया। विशेष उल्लेखनीय तथ्य यह रहा कि श्रीमती अल्का शर्मा एवं श्री चंदन सिंह पिछले निरंतर 29 वर्षों से विद्यालय में सेवाएं दे रहे हैं। उनके समर्पण, अनुशासन और संस्थान के प्रति निष्ठा को उपस्थित जनसमूह ने खड़े होकर तालियों की गड़गड़ाहट से सम्मानित किया।
समारोह में विशिष्ट रूप से स्वामी जगदीशानंद जी महाराज, स्वामी धर्मानंद जी महाराज, स्वामी विश्वस्वरूप जी महाराज, स्वामी पुष्करानंद जी महाराज, स्वामी राघवानंद जी महाराज, स्वामी हरस्वरूप जी महाराज तथा स्वामी अग्नि बाबा की गरिमामयी उपस्थिति रही।
विद्यालय के प्राचार्य श्री कमलेश मिश्रा ने अपने संबोधन में संस्थान की 29 वर्षों की गौरवपूर्ण शैक्षणिक यात्रा, उपलब्धियों एवं भावी योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्यालय आधुनिक शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति के संस्कार प्रदान करने हेतु निरंतर प्रयत्नशील है।
कार्यक्रम में विनोद कार्की, राजेंद्र बिष्ट, रमेश अग्रवाल, गोपाल अग्रवाल, राम सरोवर द्विवेदी (पूर्व मुख्य नगर पालिका अधिकारी), राधेश्याम उपाध्याय, रणजीत सिंह, प्रकाश द्विवेदी (सांसद प्रतिनिधि अमरकंटक), पवन तिवारी (पार्षद), डॉ. श्रीराम त्रिपाठी (उप प्राचार्य), राम सेवक कुशवाहा (प्राचार्य कल्याणिका महाविद्यालय) सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
समारोह का प्रभावशाली मंच संचालन लुइना पल्लवी एवं विवेक सिन्हा ने किया। कार्यक्रम में पत्रकार बंधुओं में धनंजय तिवारी, श्रवण उपाध्याय, उमाशंकर पाण्डेय ‘मुन्नू’, सोमू दुबे सहित अन्य पत्रकारों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार की ओर से सभी संत-महात्माओं, अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। श्री विनोद कुमार शुक्ला ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया तथा आदर्श श्रीवास के नेतृत्व में राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।
कल्याणिका केंद्रीय शिक्षा निकेतन का यह स्थापना दिवस समारोह केवल एक वार्षिकोत्सव नहीं, बल्कि शिक्षा, संस्कार, सेवा, समर्पण और राष्ट्र चेतना का प्रेरक उत्सव बनकर उपस्थित जनसमूह के हृदय में अमिट छाप छोड़ गया।
