भोपाल, 10 जुलाई 2026: महादेव ऑनलाइन मामले में सीबीआई ने सरकारी सिस्टम में बैठ बड़े अधिकारियों को तो क्लीन चिट दे दी लेकिन महादेव ऑनलाइन के प्रमोटर्स और उनकी फैमिली मेंबर्स के फ्लाइट टिकट बुक करने वाले Rapid Travels in Lalghati,Bhopal के संचालकों के खिलाफ चार्ज शीट पेश कर दी। रैपिड ट्रेवल्स के संचालकों को अपराधियों का मददगार बताया गया है।
सीबीआई की चार्ज शीट में बताया गया है कि रैपिड ट्रैवल्स लालघाटी भोपाल के संचालक श्री विशाल आहूजा और धीरज अहूजा, महादेव ऑनलाइन के प्रमोटर्स, नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और उनके फैमिली मेंबर्स के लिए फ्लाइट टिकट बुकिंग का काम करते थे। तत्काल मनचाही फ्लाइट टिकट बुकिंग के लिए ऑनलाइन वॉलेट में एडवांस बैलेंस जमा करवाया जाता था। सीबीआई का कहना है कि आहूजा भाइयों द्वारा महादेव ऑनलाइन के प्रमोटर्स को भारत के बाहर विदेश भागने में मदद की गई। यदि वह अपनी चतुराई के साथ महादेव ऑनलाइन के प्रमोटर्स के लिए उनकी मनचाही फ्लाइट में टिकट बुक नहीं करते तो महादेव ऑनलाइन वाले शायद भारत से फरार नहीं हो सकते थे। इस समय महादेव ऑनलाइन वाले दक्षिण एशिया में है और उनके खिलाफ रेट कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है।
मामला इस प्रकार के ऑनलाइन खेलों का है जिसमें जीत हार के लिए पैसों की बाजी लगाई जाती है। भारत में इस तरह के ऑनलाइन खेल प्रतिबंधित हैं। छत्तीसगढ़ पुलिस ने इस मामले का खुलासा किया था। मनी लांड्रिंग के कारण ED द्वारा भी इन्वेस्टिगेशन की गई। बाद में जब छत्तीसगढ़ पुलिस की जांच में कई बड़े अधिकारियों और पॉलीटिकल कनेक्शंस सामने आने लगे तो यह मामला सीबीआई को दे दिया गया। तब यह माना गया था कि छत्तीसगढ़ पुलिस इतनी पावरफुल लोगों से पूछताछ नहीं कर सकती। इसलिए मामला सीबीआई को दिया गया था लेकिन सीबीआई ने जब चार्ज शीट पेश की तो उसमें किसी भी पावरफुल व्यक्ति का नाम नहीं था। बल्कि एक टिकट बुक करने वाले ट्रैवल एजेंट का नाम शामिल है।

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