जबलपुर, 9 जुलाई 2026: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर में साल 2019 से लंबित ओ.बी.सी. आरक्षण (OBC Reservation) से संबंधित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। एक विशेष खंडपीठ का गठन किया गया है जो मामले की नियमित सुनवाई करेगी।
Madhya Pradesh High Court Special Bench for OBC Reservation Cases
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया (Acting Chief Justice Vivek Rusia) ने 8 जुलाई 2026 को एक प्रशासनिक आदेश जारी कर इन संवेदनशील मामलों की सुनवाई हेतु एक विशेष खंडपीठ (Special Bench) का गठन किया है। इस विशेष बेंच में जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस विनय सराफ को शामिल किया गया है, जो 15 जुलाई से इन मामलों की नियमित सुनवाई (Regular Hearing) प्रारंभ करेंगे।
Supreme Court Directions on OBC Reservation Litigation in MP
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश ओबीसी आरक्षण प्रकरणों के शीघ्र समाधान के लिए सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) ने 19 फरवरी को आदेश पारित किया था। शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट को निर्देशित किया था कि एक विशेष बेंच का गठन कर तीन माह के भीतर इन प्रकरणों को निराकृत (Resolve) करने का प्रयास किया जाए। ओबीसी वर्ग का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर एवं विनायक प्रसाद शाह के अनुसार, वर्तमान में कुल 91 प्रकरण सुनवाई के लिए लंबित हैं, जिन पर अब यह विशेष पीठ विचार करेगी।
Reasons for Delay in MP High Court OBC Reservation Regular Hearing
इन मामलों की नियमित सुनवाई (Regular Hearing) में पहले कुछ तकनीकी बाधाएं आई थीं। पूर्व मुख्य न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा ने मध्य प्रदेश सरकार का पक्ष सुनने के लिए 16 जून की तारीख नियत की थी, लेकिन उनके सर्वोच्च न्यायालय में प्रमोशन (Promotion) हो जाने और जस्टिस विनय सराफ के इंदौर ट्रांसफर (Transfer) हो जाने के कारण सुनवाई की प्रक्रिया बाधित हुई थी। चूंकि जस्टिस विनय सराफ पहले भी इन प्रकरणों की सुनवाई कर चुके हैं, इसलिए उन्हें पुनः इस विशेष बेंच का हिस्सा बनाया गया है ताकि सुनवाई में निरंतरता बनी रहे।
Final Schedule for OBC Reservation Case Hearing in Jabalpur High Court
इससे पूर्व, 16 और 24 जून 2026 को जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस भगवती प्रसाद शर्मा की खंडपीठ ने इन मामलों की प्रारंभिक सुनवाई करते हुए 13 जुलाई से शुरू होने वाले सप्ताह में नियमित सुनवाई का आदेश पारित किया था। अब 8 जुलाई 2026 के नए प्रशासनिक आदेश के तहत यह सुनिश्चित किया गया है कि जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ही इन सभी 91 लंबित प्रकरणों पर अंतिम बहस सुनेगी। 15 जुलाई से शुरू होने वाली यह कार्यवाही मध्य प्रदेश में आरक्षण की कानूनी स्थिति स्पष्ट करने की दिशा में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकती है।

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