भोपाल, 9 जुलाई 2026: इंदौर पुलिस ने कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी के खास भाई नाना पटवारी को हिरासत में ले लिया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि खतरनाक नशीले पदार्थों की तस्करी के मामले में दो लोगों को पकड़ा गया था। उन्होंने नाना पटवारी का नाम लिया है। इस मामले में अपना माइंडसेट बनाने से पहले आईए जानते हैं कि नाना पटवारी कौन है और क्या पुलिस ने श्री जीतू पटवारी पर प्रेशर क्रिएट करने के लिए नाना पटवारी को हिरासत में लिया है:-
जीतू पटवारी ने फेसबुक पर बयान जारी किया
मुख्यमंत्री जी,#IndorePolice ने मेरे भाई को बगैर सूचना के हिरासत में लेकर यह सियासी संदेश दिया है कि BJP Madhya Pradesh अब "बदला" ले रही है! रंजिश इस बात की कि जो भी सत्ता/मुख्यमंत्री के खिलाफ आवाज उठाएगा, उसे दबाने के लिए "कानून" का सहारा भी लिया जाएगा! मैं जानता था की सरकार की निजी दुर्भावना के चलते मेरे और मेरे परिजनों के खिलाफ झूठी कानूनी कार्रवाइयां जरूर की जाएंगीं! फिर दोहरा रहा हूं! कानूनी दबाव/प्रभाव से भरी इस राजनीति से हम न डरेंगे, न झुकेंगे! बल्कि और ज्यादा ताकत से मैदानी लड़ाई लड़ेंगे!
Jitu Patwari News: Who Is Nana Patwari and Why Was He Taken into Police Custody?
जितेंद्र पटवारी उर्फ जीतू पटवारी और कुलभूषण पटवारी और नाना पटवारी दोनों एक ही पिता की संतान है। इनके पिता का नाम रमेश चंद्र कोडरलाल पटवारी है और वह भी कांग्रेस पार्टी के सक्रिय नेता है। जीतू पटवारी के दादा कोडरलाल पटवारी स्वतंत्रता सेनानी थे। यह एक पुराना जमींदार परिवार है। इनके पास सैकड़ो करोड़ की बैठक संपत्ति है। कुलभूषण उर्फ़ नाना पटवारी को पुलिस द्वारा पहली बार हिरासत में नहीं लिया गया है बल्कि उनके खिलाफ हत्या के प्रयास, नशीले पदार्थ की तस्करी करने वाले नेटवर्क को संरक्षण देने, लड़की को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने, जमीन पर अवैध कब्जा और धोखाधड़ी इत्यादि के कई मामले दर्ज हैं। नाना पटवारी अपने भाई जीतू पटवारी के लिए राजनीति में सक्रिय रूप से काम करते हैं परंतु कांग्रेस पार्टी के नेता नहीं है। सिर्फ जीतू पटवारी के लिए काम करते हैं।
नाना पटवारी का पुलिस रिकॉर्ड
2017 में किसान आंदोलन के दौरान नाना पटवारी के खिलाफ हत्या के प्रयास, शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट करने इत्यादि के मामले दर्ज हुए थे। नाना पटवारी फरार हो गए थे। कोर्ट से परमानेंट वारंट जारी हुआ था। 2023 में नाना पटवारी ने पुलिस के सामने सरेंडर किया था और उनको जेल भेज दिया गया था।
(इसका मतलब हुआ कि नाना पटवारी राजनीति नहीं करते लेकिन जीतू पटवारी के साथ रहते हैं और आंदोलन में शामिल भी होते हैं। यहां तक की आंदोलन को सफल बनाने के लिए संघर्ष भी करते हैं।)
जमीन पर कब्जा और धोखाधड़ी
2025 में नरेंद्र मेहता नाम के एक व्यक्ति ने तेजाजी नगर थाना, इंदौर में मामला दर्ज करवाया था। आरोप लगाया था कि, नाना पटवारी, उनके भाई भरत पटवारी और जिला कांग्रेस अध्यक्ष सदाशिव यादव ने उमरी खेड़ी में 6.5 एकड़ जमीन पर जबरन कब्जा किया और आवासीय कॉम्प्लेक्स निर्माण शुरू किया।
(इसका मतलब हुआ कि नाना पटवारी का कांग्रेस पार्टी के दूसरे नेताओं के साथ भी अच्छा संबंध है और वह अपने भाई की पॉलीटिकल पावर एवं कनेक्शंस का फायदा उठाते हैं।)
युवती की आत्महत्या का मामला
यशवंत क्लब मेंबर खुशी कुलवाल की आत्महत्या का मामला लगभग 8 साल पुराना है। इंदौर के सबसे पावरफुल नेता श्री कैलाश विजयवर्गीय ने नाना पटवारी पर गंभीर आरोप लगाया था। खुशी कुलवाल की आत्महत्या की फाइल को दोबारा खोला गया था। बताया गया था कि आत्महत्या करने वाली लड़की का लिव इन पार्टनर राहुल पाटवाला, जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी का खास दोस्त था। दोनों राऊ क्षेत्र में खनन आदि कामों में जुड़े थे। इस मामले की पुलिस फाइल में ड्रग्स, हाई-प्रोफाइल पार्टियां, बिल्डर्स और नेताओं का भी जिक्र किया गया था।
(इसका मतलब हुआ कि, नाना पटवारी अपने भाई जीतू पटवारी के विधानसभा क्षेत्र में खनन इत्यादि का काम करते थे। और अपने पार्टनर को बचाने के लिए अपने भाई की पॉलीटिकल पावर का उपयोग किया था।)
सिर्फ मामले दर्ज होते हैं
जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं और एक बार गिरफ्तार भी हो चुके हैं लेकिन अब तक किसी भी मामले में उनको सजा नहीं हुई है। एक सिंपल पैटर्न दिखाई देता है, जो फिल्मों में भी दिखाई देता है, पावरफुल नेता के परिवार वालों के खिलाफ थाने में बड़ी मुश्किल से मामले से दर्ज होते हैं लेकिन न्यायालय में न्याय की प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही बंद हो जाते हैं।

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