एम्स भोपाल में छेड़छाड़ की पीड़िता महिला कर्मचारी को आरोपियों के हवाले कर दिया, जहर पी लिया

Updesh Awasthee
भोपाल, 9 जुलाई 2026:
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, भोपाल एक बार फिर सुर्खियों में है। पिछली बार स्टाफ नर्स और अन्य चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों द्वारा रिश्वत के लिए मरीजों को परेशान करने का मामला सामने आया था और इस बार एक महिला सिक्योरिटी गार्ड ने अपने सुपरवाइजर के खिलाफ जहरीला पदार्थ पी लिया। महिला ने दोनों के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज करवाया था। इसके बावजूद महिला की ड्यूटी दोनों के अंडर में डाल दी गई। 

दरअसल, एम्स भोपाल के मैनेजमेंट ने ज्यादातर सेवाओं को आउटसोर्स कर दिया है और आउटसोर्सिंग के नाम पर अपनी जिम्मेदारी से पीछे हट गए हैं। सिक्योरिटी का काम एक एजेंसी को दे दिया गया है। जो कुछ भी होता है उसके लिए एजेंसी को जिम्मेदार बता दिया जाता है। बागसेवनिया नाना प्रभारी अमित कुमार सोनी ने बताया कि, महिला सिक्योरिटी गार्ड का नाम रोस्टर में नहीं था लेकिन उसको कहा गया था कि उसकी ड्यूटी एम्स में लगाई गई है। महिला सिक्योरिटी गार्ड का कहना है कि उसके सुपरवाइजर सत्यनारायण राय और पीके मिश्रा, उसको लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं। उसकी ड्यूटी बदलते रहते हैं। 

पुलिस इंस्पेक्टर अमित कुमार सोनी ने बताया कि महिला सिक्योरिटी गार्ड की शिकायत पर दोनों सुपरवाइजर राय और मिश्रा के खिलाफ पिछले महीने मामला दर्ज किया गया था। दोनों को गिरफ्तार किया गया था। इसकी सूचना सिक्योरिटी एजेंसी को भी दी गई थी, लेकिन एजेंसी ने कोई कार्रवाई नहीं की। जब दोनों सुपरवाइजर जमानत पर रिहा होकर वापस आए तो पीड़ित महिला सिक्योरिटी गार्ड को फिर से उनके अंडर में डाल दिया गया। इंस्पेक्टर सोनी का कहना है कि फिर से मामला दर्ज कर लिया गया है और दोनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा एजेंसी संचालक के खिलाफ भी नियम के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। 

सिक्योरिटी एजेंसी का नाम Isha Protectional Security Guard Pvt. Ltd. बताया गया है।

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