उपदेश अवस्थी (विधि पत्रकार एवं सलाहकार): यह भारत की एक ऐसी आम समस्या है, जिसके कारण अक्सर पड़ोसियों में झगड़ा हो जाता है और फिर बात क्रिमिनल केस तक पहुंच जाती है, लेकिन मैं आपको बताता हूं की हाथापाई करने की जरूरत नहीं है, किसी के पालतू कुत्ते को डंडा मारने की जरूरत भी नहीं है। आप निम्नलिखित कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई कर सकते हैं:
1. लोक न्यूसेंस (Public Nuisance) - धारा 270
भारतीय न्याय संहिता की धारा 270 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति ऐसा कोई कार्य करता है या अपने कानूनी कर्तव्य में चूक (omission) करता है जिससे जनता या आसपास रहने वाले लोगों को क्षोभ (annoyance), खतरा या सामान्य क्षति होती है, तो वह 'लोक न्यूसेंस' का दोषी माना जाता है। पालतू कुत्ते द्वारा रोज गंदगी किया जाना आपके और आपके पड़ोसियों के लिए एक स्पष्ट 'क्षोभ' या परेशानी का कारण है। इसके कारण संक्रमण का खतरा होता है, अर्थात यह स्वास्थ्य के लिए क्षति का कारण हो सकता है।
जीवजंतु के संबंध में उपेक्षापूर्ण आचरण - धारा 291
यद्यपि धारा 291 मुख्य रूप से मानव जीवन के खतरे या गंभीर चोट (grievous hurt) को रोकने के लिए पशु मालिकों द्वारा बरती जाने वाली लापरवाही से संबंधित है, लेकिन यह स्पष्ट करती है कि पशु मालिक का यह कानूनी कर्तव्य है कि वह अपने जानवर के संबंध में ऐसी व्यवस्था करे जो दूसरों को क्षति न पहुँचाए। इस धारा के तहत लापरवाही बरतने पर छह महीने तक की जेल या 5,000 रुपये का जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं।
आपराधिक अतिचार (Criminal Trespass) - धारा 329(1)
यदि कुत्ते का मालिक जानते हुए और परेशान करने (annoy) के इरादे से अपने कुत्ते को आपके दरवाजे या संपत्ति पर लेकर आता है, तो इसे 'आपराधिक अतिचार' माना जा सकता है। धारा 329(1) के अनुसार, किसी दूसरे के कब्जे वाली संपत्ति में 'क्षोभ' (annoyance) पैदा करने के इरादे से प्रवेश करना अपराध है। इसके लिए तीन महीने तक की जेल या 5,000 रुपये का जुर्माना हो सकता है।
आप क्या कर सकते हैं?
नगर निगम/स्थानीय निकाय को शिकायत: सबसे पहले आप अपने स्थानीय नगर निगम या नगरपालिका में शिकायत कर सकते हैं, क्योंकि पालतू जानवरों के पंजीकरण और स्वच्छता से संबंधित नियम अक्सर उनके द्वारा प्रशासित किए जाते हैं।
पुलिस शिकायत: यदि नगर निगम 3 दिन के भीतर कार्रवाई नहीं करता और समस्या बनी रहती है, तो आप पुलिस में लोक न्यूसेंस (धारा 270) और आपराधिक अतिचार (धारा 329) के तहत शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
निष्कर्ष: कानून के अनुसार, पालतू जानवर को पालना एक अधिकार है, लेकिन यह सुनिश्चित करना मालिक की जिम्मेदारी है कि उसके जानवर के कारण किसी दूसरे व्यक्ति को परेशानी या 'क्षोभ' न हो। इस कर्तव्य की अनदेखी करना दण्डनीय अपराध है।

.webp)