नई दिल्ली, 15 जुलाई 2026: सुप्रीम कोर्ट में फाइल फेंकने और मुख्य न्यायाधीश के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट एलएलबी के दोनों स्टूडेंट्स को 14 दिन के लिए जेल भेज दिया। इससे पहले दोनों को 2 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया था। उल्लेखनीय है कि देशभर के विभिन्न न्यायालयों से एलएलबी स्टूडेंट द्वारा न्यायालय की कार्यवाही में अनाधिकृत दखलंदाजी के मामले भी प्रकाश में आ रहे हैं।
Patiala House Court sends law students to 14-day judicial custody
दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने बुधवार को लखनऊ विश्वविद्यालय के कानून के छात्रों, प्रबल प्रताप सिंह और चंदर भान को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत (14-day judicial custody) में भेज दिया है। इन छात्रों पर सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही में व्यवधान डालने और जजों के साथ दुर्व्यवहार (abusing judges) करने का गंभीर आरोप है। दो दिनों की पुलिस रिमांड समाप्त होने के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया था, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें जेल भेजने का निर्देश दिया।
Case against law students for disrupting Supreme Court proceedings
यह पूरा मामला 10 जुलाई का है, जब जस्टिस केवी विश्वनाथन और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच के सामने मामले की सुनवाई चल रही थी। लखनऊ विश्वविद्यालय में तीसरे वर्ष के छात्र प्रबल प्रताप सिंह और दूसरे वर्ष के छात्र चंदर भान ने न्यायालय की गरिमा का उल्लंघन (disrupting court proceedings) करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। प्रबल प्रताप सिंह, जो याचिकाकर्ता (petitioner-in-person) के तौर पर पेश हुए थे, ने कोर्टरूम के भीतर अपनी फाइलें फेंकी और जजों के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग किया। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) के खिलाफ भी अपमानजनक टिप्पणी की थी।
Medical examination of law students and FIR at Tilak Marg police station
घटना के तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें कोर्टरूम से बाहर निकाला। यद्यपि बेंच ने उस समय उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई नहीं की थी, लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट के सुरक्षा कर्मचारियों की शिकायत पर तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज (FIR) किया गया। पुलिस हिरासत के दौरान, दोनों आरोपियों का IHBAS (Institute of Human Behaviour and Allied Sciences) में मेडिकल परीक्षण (medical examination) कराया गया, जिसमें उन्हें मानसिक रूप से स्वस्थ (mentally sound) पाया गया है। इसके अलावा, पुलिस ने उनके पास से कुछ आपत्तिजनक पैम्फलेट्स (objectionable pamphlets) भी बरामद किए हैं।
Upcoming hearing and judicial custody for disrupting court decorum
दो दिनों की पुलिस पूछताछ के बाद अब इन छात्रों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और वे 29 जुलाई तक जेल में रहेंगे, जब उन्हें दोबारा अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा। कानून के छात्रों द्वारा न्यायिक हिरासत (judicial custody for law students) का यह मामला कानूनी हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि यह सीधे तौर पर देश की सर्वोच्च अदालत की मर्यादा और सुरक्षा से जुड़ा है।

