भोपाल, 24 जून 2026: राजधानी भोपाल से साइबर उत्पीड़न (Cyber Harassment) का एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक सिरफिरे युवक ने शादी का प्रस्ताव ठुकराए जाने पर प्रतिशोध की सारी हदें पार कर दीं। राजस्थान के उदयपुर निवासी इस युवक ने न केवल युवती के डिजिटल सम्मान को ठेस पहुँचाई, बल्कि उसके पूरे परिवार को मानसिक और सामाजिक रूप से प्रताड़ित किया।
Matrimonial Site Fraud and Rejected Marriage Proposal Harassment Case in Bhopal
इस मामले की जड़ें मेट्रिमोनियल वेबसाइट जीवनसाथी डॉट कॉम से जुड़ी हैं, जहाँ भोपाल की एक युवती की बहन ने उसकी प्रोफाइल बनाई थी। युवती की मुलाकात उदयपुर के एक युवक से हुई और परिवार की सहमति से दोनों मिले भी, लेकिन युवक का व्यवहार संदिग्ध (Suspicious behavior) लगने के कारण परिवार ने इस रिश्ते को आगे न बढ़ाने का फैसला किया। यह rejected marriage proposal ही आगे चलकर युवती के लिए एक बुरे सपने जैसा साबित हुआ। जब युवती ने जुलाई 2025 में युवक का नंबर ब्लॉक कर दिया, तो उसने अलग-अलग नंबरों से परिवार को परेशान करना शुरू कर दिया।
Cyberstalking Tactics: 500 Taxis and Bikes Were Booked in One Day
आरोपी ने प्रताड़ना का एक अनोखा और बेहद परेशान करने वाला तरीका अपनाया। जनवरी 2026 में, आरोपी ने युवती के मोबाइल नंबर और लोकेशन का इस्तेमाल कर Ola, Uber और Rapido जैसी सेवाओं पर एक ही दिन में लगभग 500 टैक्सियाँ और बाइक बुक कर दीं। वह युवती की लोकेशन से उज्जैन जैसे दूर के स्थानों के लिए बुकिंग करता था, जिससे लालच में आकर ड्राइवर दूर-दूर से युवती के घर पहुँच जाते थे। इस online harassment through cab booking की वजह से न केवल युवती का परिवार परेशान हुआ, बल्कि कई टैक्सी चालक भी बिना सवारी के भटकते रहे, जिन्होंने बाद में युवती के पक्ष में गवाही देने की बात कही है।
Misuse of AI in Cyber Harassment and Digital Defamation through Fake Photos
तकनीक का दुरुपयोग यहीं नहीं थमा। आरोपी ने AI (Artificial Intelligence) का इस्तेमाल कर युवती की फर्जी तस्वीरें बनाईं, जिनमें उसे अपने साथ हनीमून, निजी पलों और गोदभराई की रस्मों में दिखाया गया था। इन AI generated fake photos for harassment को आरोपी ने फर्जी सोशल मीडिया आईडी बनाकर पोस्ट किया और स्टेटस पर भी लगाया। इसके अलावा, उसने युवती के नाम से गोदभराई के फर्जी निमंत्रण कार्ड छपवाकर पूरी कॉलोनी में बंटवा दिए, जिसमें मेहमानों को लुभाने के लिए चांदी का सिक्का देने का झूठा वादा किया गया था ताकि अधिक से अधिक भीड़ युवती के घर पहुँचे।
Understanding Online Harassment Laws: BNS and IT Act Provisions for Victims
साइबर एक्सपर्ट शृंगारिता खरे के अनुसार, किसी दूसरे के नाम या नंबर का उपयोग कर बार-बार कैब बुक करना या फर्जी प्रोफाइल बनाना online harassment की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। आरोपी ने एक और चालाकी की थी कि उसने अपने सभी कॉल युवती के नंबर पर फॉरवर्ड कर दिए थे, जिससे जब पुलिस उसे फोन करती, तो वह कॉल सीधे युवती के पास पहुँचता था।
Seeking Justice for Online Defamation: State Women's Commission Complaints
वर्तमान में, पीड़ित युवती ने भोपाल के स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई है और न्याय के लिए राज्य महिला आयोग (State Women’s Commission) से गुहार लगाई है। युवती का आरोप है कि आरोपी ने फर्जी प्रोफाइल बनाकर उसकी जासूसी भी की ताकि वह देख सके कि युवती किसी अन्य रिश्ते के लिए बात कर रही है या नहीं। यह मामला digital vendetta और तकनीक के बढ़ते दुरुपयोग का एक खतरनाक उदाहरण पेश करता है, जहाँ एक अस्वीकृति (Rejection) को अपराधी ने डिजिटल युद्ध में बदल दिया।

.webp)