जबलपुर, 19 जून 2026: मध्य प्रदेश शासन द्वारा संचालित माध्यमिक एवं प्राथमिक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में आज मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा उन अभ्यार्थियों को अंतरिम राहत दी गई है जिनके पास प्रयाग संगीत समिति इलाहाबाद की डिग्री अथवा डिप्लोमा है।
Teacher Recruitment Case Takes New Turn, High Court Grants Interim Relief to Prayag Sangeet Samiti Candidates
मध्य प्रदेश शासन डीपीआई के द्वारा, लगभग 150 से ज्यादा चयनित माध्यमिक एवं प्राथमिक संगीत शिक्षकों को अपात्र कर दिया गया था और उसका कारण दिया गया था कि जी प्रयाग संगीत समिति इलाहाबाद से संगीत की डिग्री डिप्लोमा अभ्यर्थियों ने अर्जित किया है वह संगीत समिति यूजीसी से संबंंधता नहीं रखती है। अभ्यर्थियों ने परेशान होकर न्याय के लिए माननीय हाई कोर्ट में याचिका दायर की।
अभ्यर्थियों की ओर से अधिवक्ता श्री दिनेश सिंह चौहान ने हाई कोर्ट को बताया कि, स्कूल चॉइस फिलिंग 18 जून से लेकर 21 जून तक होनी है, 20 जून और 21 जून को कोर्ट बंद रहेगा। ऐसे में आज 19 जून को सुनवाई करना अनिवार्य है, ताकि याचिका करता अपनी मनपसंद का स्कूल चॉइस फिलिंग कर सके अन्यथा, बाद में ऐसा ना हो की रीवा वाले अभ्यर्थी को रतलाम की स्कूल में पोस्टिंग दी जाए। माननीय कोर्ट 19 जून को ही सुनवाई के लिए राजी हुई।
अधिवक्ता दिनेश सिंह चौहान ने माननीय कोर्ट को बताया कि, याचिकाकर्ताओं के पास प्रयाग संगीत समिति से प्राप्त डिग्रियां हैं, जिसे उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त है। याचिकाकर्ताओं के वकील ने तर्क दिया कि भर्ती विज्ञापन में केवल मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/संस्थान से डिग्री की आवश्यकता थी, यूजीसी की मान्यता को स्पष्ट रूप से अनिवार्य नहीं किया गया था। प्रयाग संगीत समिति की डिग्रियों से संबंधित इसी तरह का एक मुद्दा पहले केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (सीएटी) द्वारा केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) की भर्तियों के दौरान उम्मीदवारों के पक्ष में हल किया गया था।
तमाम तर्कों को सुनने के बाद, अधिवक्ता दिनेश सिंह चौहान की दलीलों से सहमत होकर, माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर के द्वारा अभ्यर्थियों को अंतरिम राहत देते हुए, सरकार को आदेश किया गया कि अपात्र याचिकाकर्ताओं को स्कूल चॉइस फिलिंग में सम्मिलित किया जाए। उपरोक्त पूरी प्रक्रिया याचिका के निर्णय के अध्याधीन रहेगी।

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