ज्ञान विज्ञान न्यूज़, 20 जून 2026: वैज्ञानिकों को मंगल ग्रह की रक्तमणि मिल गई है। भारतीय वैदिक ज्योतिष के अनुसार रक्तमणि इतनी शक्तिशाली होती है कि वह पूरे ग्रह की सुरक्षा कर सकती है। उसमें नेगेटिव एनर्जी को खत्म करने की अद्भुत शक्ति होती है। इसलिए रक्तमणि को दुनिया का सबसे बहुमूल्य रत्न माना जाता है। कहा जाता है कि मिस्र की सभ्यता के समय उनके पास बेहद शक्तिशाली रक्तमणि हुआ करती थी।
Discovery of Red Garnet on Mars and its Impact on Planetary Science
रॉयल ऑन्टारियो म्यूजियम (Royal Ontario Museum) के शोधकर्ताओं ने मंगल ग्रह के उल्कापिंड NWA 8171 का विश्लेषण करते हुए इसमें रक्तमणि (Red Garnet) की उपस्थिति पाई है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह एक ऐसा खनिज है, जो आज से पहले कभी मंगल ग्रह पर देखा नहीं गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह discovery of new minerals on Mars न केवल रोमांचक है, बल्कि यह ग्रह के 4.5 अरब साल पुराने भूविज्ञान (4.5-billion-year-old geology) को समझने का एक नया नजरिया प्रदान करती है। यह खोज भविष्य में होने वाले Martian mineralogy research के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकती है।
ब्रॉक यूनिवर्सिटी की असिस्टेंट प्रोफेसर तान्या किज़ोव्स्की (Tanya Kizovski) के नेतृत्व में हुए इस अध्ययन ने mineralogical analysis of Martian meteorites के महत्व को रेखांकित किया है। शुरुआत में, टीम को लगा कि यह खनिज 'पाइरोक्सीन' (pyroxene) है, जो मंगल पर आम है, लेकिन गहराई से जांच करने पर यह गारनेट निकला। इस सूक्ष्म विश्लेषण के लिए यूनिवर्सिटी ऑफ पोर्ट्समाउथ की Electron Microscopy और अत्याधुनिक लेजर उपकरणों का उपयोग किया गया।
भारतीय ज्योतिष में रक्तमणि का महत्व
इस चमत्कारी रक्तमणि के टुकड़े पृथ्वी पर भी पाए जाते हैं। यह आमतौर पर कायांतरित चट्टानों (metamorphic rocks) में पाया जाता है, जो अत्यधिक गर्मी, उच्च दबाव या गर्म तरल पदार्थों के संपर्क में आने से बनती हैं। विज्ञान इसके बारे में अभी खोज कर रहा है परंतु भारत की वैदिक ज्योतिष और मिस्र की सभ्यता में इसका प्राचीन उल्लेख मिलता है। कहा जाता है कि पृथ्वी पर मिस्र में सबसे शक्तिशाली रक्तमणि हुआ करती थी। इसके कारण मिस्र के लोगों को पूरा विश्वास था कि उनकी सभ्यता पृथ्वी के अस्तित्व तक कभी नष्ट नहीं होगी।
भारतीय वैदिक ज्योतिष के अनुसार, यह अत्यंत शक्तिशाली रत्न है। इसका रंग रक्त के समान होता है इसलिए इसे रक्तमणि कहा जाता है। इसमें हीरे के जैसे चमक होती है। या बेहद कठोर होता है और इसे तोड़ा नहीं जा सकता है। ज्योतिष में इसका संबंध शनि की ऊर्जा से माना जाता है। जबकि ज्योतिष के कुछ विद्वान इसको सूर्य, शनि और मंगल का संयुक्त शक्ति केंद्र मानते हैं। जिस क्षेत्र में या रत्न होता है। वहां के लोगों में गजब का आत्मविश्वास, साहस और ऊर्जा पाई जाती है। ऐसे क्षेत्र में प्रेम निष्ठा और जुनून देखने को मिलता है। यदि रक्तमणि का कोई अंश किसी राजा के पास हो तो, वह अपराजिता हो जाता है। उसको कोई पराजित नहीं कर सकता।

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