भोपाल, 17 जून 2026: विकास जब पागल हो जाता है तो ऐसा ही होता है, जैसा भोपाल में हो रहा है। मेट्रो और 10 लेन सड़क परियोजना के नाम पर सार्वजनिक सड़कों पर अतिक्रमण कर लिया गया है और जनता को परिवहन के लिए कोई विकल्प नहीं दिया गया। भोपाल में मानसून का सीजन शुरू हो गया है। बरसात से पहले NAHI वाले बुलडोजर लेकर गरीबों का घर तोड़ने पहुंच गए। जब हंगामा हुआ तो लोकल विधायक और मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री मौके पर आए लेकिन आश्वासन देकर चले गए।
Ahead of Monsoon, NHAI Begins Demolition Drive in Bhopal, Poor Families Face Eviction
मामला नयापुरा, सेंट्रल जेल के समीप सरकारी जमीन पर दशकों से अतिक्रमण करके रह रहे गरीब मजदूरों का है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि, जो कोई भी जहां पर भी रह रहा है, उसका घर नहीं तोड़ा जाएगा, बल्कि वह जमीन उसके नाम कर दी जाएगी। वैसे भी यह मामला भोपाल नगर निगम और गरीब मजदूरों के बीच का है लेकिन 10 लेन सड़क निर्माण परियोजना की एजेंसी NAHI (National Highway Authority of India) के अधिकारी आज बुलडोजर लेकर चले आए। उनके साथ कलेक्टर और नगर निगम की टीम भी थी। मजदूरों को काबू करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स भी थी।
जब बुलडोजर आया तो कांग्रेस क्या कर रही थी?
सामने गरीब मजदूर थे। वह पुलिस के डंडे से क्या डरते, उनका तो घर उजड़ने वाला था। उन्होंने जबर्दस्त विरोध शुरू कर दिया। गरीब जनता से वोटो की उम्मीद करने वाली कांग्रेस पार्टी का कोई भी नेता गरीबों मजदूरों की सहायता करने नहीं आया। विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रहे हैं कांग्रेस के नेता मनोज शुक्ला, पार्टी के कार्यकर्ताओं को लेकर यात्रा पर गए हैं। पूरा इलाका लावारिस है। फिर भी मजदूर में पुरजोर आवाज उठाई और पब्लिक ने इसका समर्थन किया। जब मीडिया सक्रिय हुई और NAHI से सवाल किए जाने लगे तो मामला स्थानीय विधायक श्री विश्वास सारंग तक पहुंच गया।
सभी गरीबों को यहीं आसपास प्लॉट दिए जाएंगे: विश्वास सारंग
श्री विश्वास सारंग मौके पर पहुंचे। पहले उन्होंने अधिकारियों से चर्चा करके रणनीति बनाई उसके बाद गरीब मजदूरों से मिले और फिर प्रेस को सूचना जारी की गई। बताया गया कि श्री विश्वास सारंग ने अधिकारियों से चर्चा कर सड़क निर्माण के साथ प्रभावित परिवारों को पुनर्वास हेतु प्लॉट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी प्रशासन (मतलब भोपाल कलेक्टर) की होगी। मंत्री सारंग ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित परिवारों को उनके वर्तमान निवास क्षेत्र के निकट ही भूमि उपलब्ध कराई जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई, रोजगार और दैनिक जीवन प्रभावित न हो।
सवाल तो अब भी शेष है
कुल मिलाकर NAHI का बुलडोजर वापस चला गया है लेकिन 7 दिन बाद फिर से आएगा। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि, इन गरीब मजदूरों को कि जमीन पर ट्रांसफर किया जाएगा। श्री सारंग ने प्लॉट देने का वादा किया है। इसलिए सवाल यह भी है कि, मानसून के सीजन में क्या यह गरीब मजदूर खुले आसमान के नीचे प्लॉट पर रहेंगे। इनके घर तोड़े जा रहे हैं, तो क्या बदले में इनका घर नहीं मिलेंगे। सवाल यह भी है कि यदि प्रशासन ने 7 दिन के भीतर इनको प्लॉट नहीं दिया, तो क्या होगा?
ऐसा क्या हुआ जो वीडियो का ऑडियो म्यूट करना पड़ा
श्री विश्वास सारंग के ऑफिस से एक वीडियो भी जारी हुआ है। इसमें श्री विश्वास सारंग घटनास्थल पर अधिकारियों और गरीब मजदूरों से बातचीत करते हुए दिखाई दे रहे हैं। 3.2 मिनट के वीडियो में लगभग 32 सेकंड के लिए ऑडियो सुनाई दिया। इसमें एक गरीब महिला हाथ जोड़कर कह रही है कि "आप तो हमारे भगवान हो, और श्री विश्वास सारंग स्वयं को भगवान सुनकर प्रसन्न हो रहे हैं। सवाल यह है कि बाकी के वीडियो में ऐसा क्या था जो ऑडियो म्यूट करना पड़ा?

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