मध्यप्रदेश में कृषि क्रांति: जो स्वप्न पीएम मोदी ने देखा, उसे बखूबी पूरा कर रहे माटी के लाल मोहन

Updesh Awasthee
भोपाल, 13 जून 2026:
मध्यप्रदेश में कृषि के क्षेत्र में एक नया सवेरा देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सबका साथ-सबका विकास' के मंत्र को आत्मसात करते हुए, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राज्य के किसानों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री के 12 वर्षों के सफल कार्यकाल में किसानों का कल्याण उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहा है, और मध्यप्रदेश को इस सूची में सदैव शीर्ष पर रखा गया है। केंद्र और राज्य की 'डबल इंजन' सरकार के संयुक्त प्रयासों से प्रदेश में बीमा, सिंचाई और आधुनिक तकनीक के माध्यम से transforming agriculture in Madhya Pradesh का सपना सच हो रहा है।

PM Kisan Samman Nidhi and CM Kisan Kalyan Yojana benefits for MP Farmers

किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूती देने के लिए direct income support for farmers in Madhya Pradesh एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है। केंद्र सरकार की 'प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि' के तहत किसानों को सालाना 6,000 रुपये दिए जाते हैं, वहीं मध्यप्रदेश सरकार भी अपनी ओर से 'मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना' के अंतर्गत इतनी ही राशि प्रदान कर रही है। अब तक 84 लाख से अधिक किसानों के खातों में 20,878 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की जा चुकी है, जिससे प्रदेश का अन्नदाता न केवल आत्मनिर्भर बन रहा है बल्कि उसे अपने दैनिक जीवन के संचालन में भी बड़ी सहायता मिल रही है।

Record Wheat Procurement in Madhya Pradesh 2026-27 and MSP details

मध्यप्रदेश ने wheat procurement record in Madhya Pradesh 2026-27 कायम करते हुए अपनी कृषि क्षमता का लोहा मनवाया है। इस वर्ष गेहूं उपार्जन के लिए 19 लाख 4 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया है, जिसके लिए प्रदेश भर में 3,627 केंद्र बनाए गए हैं। डॉ. मोहन यादव सरकार ने गेहूं खरीदी के लक्ष्य को 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया है। इस उपार्जन वर्ष के लिए minimum support price (MSP) for wheat in MP 2,625 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, जिससे किसानों को उनकी उपज का सही और पारदर्शी मूल्य मिल रहा है।

Land acquisition compensation policy and crop bonus for MP farmers

राज्य सरकार ने किसानों के हितों की रक्षा के लिए ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। Agriculture land acquisition compensation rate in Madhya Pradesh के तहत अब ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि के अधिग्रहण पर बाजार दर का चार गुना मुआवजा दिया जा रहा है। इसके साथ ही, फसलों पर प्रोत्साहन देने के लिए उड़द पर 600 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस और सरसों के लिए भावांतर योजना का विस्तार किया गया है। आपदा प्रभावित किसानों को त्वरित राहत पैकेज प्रदान कर सरकार उनके हर सुख-दुख में साथ खड़ी है।

Modern irrigation projects and river linking systems in Madhya Pradesh

खेती के रकबे को बढ़ाने के लिए modern irrigation techniques and river linking projects in MP पर तेजी से काम हो रहा है। मुख्यमंत्री के विजन के अनुसार, तीन नदी जोड़ो परियोजनाओं से 16 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। सरकार का लक्ष्य खेती का रकबा 2.50 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाना है। इसके अलावा, माइक्रो इरीगेशन का विस्तार, आधुनिक मंडियां, और तहसील स्तर पर मौसम केंद्रों की स्थापना जैसे कदम smart farming infrastructure in Madhya Pradesh को बढ़ावा दे रहे हैं। किसानों को 24 घंटे बिजली और शून्य ब्याज दर पर फसल ऋण जैसी सुविधाएं भी दी जा रही हैं।

Solar pump subsidy and agricultural growth rate in Madhya Pradesh

मध्यप्रदेश अब खेती में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। Krishak Mitra Yojana solar pump subsidy के तहत किसानों को 90% सब्सिडी पर सोलर पंप वितरित किए जा रहे हैं, जिससे उनकी बिजली पर निर्भरता कम हो रही है। राज्य में कृषि वृद्धि दर 16% तक पहुंच गई है, जो सरकार की प्रभावी नीतियों का परिणाम है। मध्यप्रदेश देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहां किसानों को मात्र 5 रुपये में बिजली कनेक्शन दिया जा रहा है। साथ ही, दुग्ध उत्पादन और जैविक खेती को बढ़ावा देकर किसानों की आय के स्रोतों का विविधीकरण किया जा रहा है।

CM Mohan Yadav vision for self-reliant farmers and rural development

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्पष्ट मानना है कि किसानों की आमदनी बढ़ाए बिना प्रदेश का विकास संभव नहीं है। Madhya Pradesh farmer empowerment strategies के तहत सरकार ट्रैक्टर रैलियों और किसान सम्मेलनों के जरिए सीधे संवाद कर रही है। वर्ष 2026 को 'कृषि कल्याण वर्ष' घोषित कर सरकार ने आधुनिक कृषि और आर्थिक सुरक्षा की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का यह साझा दृष्टिकोण न केवल मध्यप्रदेश को एक अग्रणी कृषि राज्य बनाएगा, बल्कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाकर देश के विकास में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करेगा। लेखक: आलोक शर्मा

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