जीतू भिया, आप तो हैंडसम हो, स्मार्ट हो और कहते हैं कि इंटेलिजेंट भी हो। सबको साथ लेकर चलने की बात करते हो। गुटबाजी तो दूर की बात पार्टी बाजी भी नहीं करते, फिर भोपाल वालों से क्या दुश्मनी है। जैसे तैसे तो एक GIS मिला है, वह भी हमसे क्यों छीनना चाहते हो। आप क्या चाहते हो भोपाल हमेशा नॉनवेज और नमकीन का शहर बना रहे। इंदौर की तरह कभी डिवेलप ना हो पाए। जीतू भिया, भोपाल आपके लिए रेस्ट हाउस होगा लेकिन हमारा घर है। आप क्या चाहते हो भोपाल के बच्चे बड़े होने की बाद इंदौर के नेताओं को नॉनवेज और नमकीन परोसते रहें।
पिछले 3 महीने में आज छठवीं बार है जब आपने इस प्रकार के बयानों, संदेशों या समाचारों को अपने 10 लाख से अधिक फॉलोवर्स के साथ शेयर किया है जिसमें इंदौर के प्रति पूर्वाग्रह दिखाई देता है। कोई कह रहा है कि "इंदौर से दूसरी बार GIS छीन लिया गया" और आप ऐसे पूर्वाग्रही को शेयर कर रहे हो? आपने एक बार भी नहीं सोचा कि आपके फॉलोवर्स में इंदौर के बाहर के लोग भी हैं, और हम भोपाल के लोग भी हैं। जीतू भिया, कृपया बताइए तो GIS पर इंदौर का अधिकार कैसे हुआ, मतलब इसका भी कोई आरक्षण होता है क्या। 2025 में भोपाल में GIS हुआ। इसके बहाने शहर का विकास हुआ, काफी कुछ सुधार हुआ, 2027 में फिर से उम्मीद जगी है। भोपाल में हर साल इस प्रकार के 2-4 कार्यक्रम होंगे तो हमारा एयरपोर्ट भी इंटरनेशनल हो जाएगा। हमारे होटल भी 7 स्टार हो जाएंगे। हमारे यहां भी विदेशी पर्यटक आने लगेंगे। हमको भी रोजगार मिल जाएगा। जीतू भिया, भोपाल का विकास हो जाएगा तो इसमें आपको प्रॉब्लम क्या है।
जीतू भिया, सुना है आप मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं। भोपाल में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आपका नाम के नीचे "प्रदेश अध्यक्ष" लिखा है। लेकिन जिस प्रकार से आप क्षेत्रवाद की राजनीति कर रहे हैं, ऐसा लगता है जैसे आप मुख्यमंत्री नहीं इंदौर के महापौर बनना चाहते हैं।
राहुल भिया, जब जीतू भिया को केवल इंदौर की पॉलिटिक्स करनी है, तो आपने क्यों उनको मध्य प्रदेश में झोंक रखा है। क्या आपकी कांग्रेस में कोई ऐसा नेता नहीं है, जो पूरे मध्य प्रदेश की बात करता हो। और यदि नहीं है तो कोई बात नहीं, देशभर में कहीं से भी ढूंढ कर एक योग्य नेता भेज दीजिए ना। अभी तो ढाई साल बाकी हैं। उनका आधार कार्ड, राशन कार्ड सब मध्य प्रदेश का बन जाएगा। एक मकान खरीद लेंगे तो विश्वसनीयता बढ़ जाएगी और फिर उनके लिए हम कोई कहानी भी बना देंगे। उनके बाप, दादा परदादा, किसी न किसी पीढ़ी का रिश्ता मध्य प्रदेश से जोड़ ही देंगे, और बता देंगे मध्य प्रदेश का बेटा वापस आ गया है।
राहुल भिया, हमारे जीतू भिया में बहुत पोटेंशियल है। वैसे भी इंदौर के 64 पार्षद, 1 सांसद, 2 मंत्री, 9 विधायक और 1 महापौर इंदौर की किसी काम के नहीं रह गए हैं। इंदौर, जीतू भिया के दिल में बसता है। कृपया उनको इंदौर वापस भेज दीजिए।
पत्र लेखक: सत्येंद्र सरल।
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