CMHO ने अवैध ट्रांसफर किए, गुस्साए कलेक्टर ने बाबू को सस्पेंड कर दिया

Updesh Awasthee
छतरपुर, मध्य प्रदेश 18 जून 2026
: मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ जाते हुए कर्मचारियों के ट्रांसफर आर्डर जारी कर दिए लेकिन आयरनी देखिए इस बात से गुस्साए कलेक्टर ने उनके ऑफिस के स्थापना बाबू को सस्पेंड कर दिया। मामला मध्य प्रदेश के छतरपुर का है। डबल आयरनी देखिए। कलेक्टर ने CMHO को आदेशित किया है कि, 15 दिन के भीतर स्थापना लिपिक के खिलाफ आरोप पत्र प्रस्तुत करें। मतलब साहब ने गड़बड़ की है, बाबू को सस्पेंड कर दिया और साहब को आदेश दिया कि इसके खिलाफ आरोप पत्र प्रस्तुत कीजिए।

Unauthorized ANM Transfer Controversy in Chhatarpur CMHO Office 

मामले का विवरण यह है कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, छतरपुर द्वारा तीन ए.एन.एम. (ANM) श्रीमती रचना श्रीवास्तव, श्रीमती शबनम, और श्रीमती रेखा निरंजन, के स्थानांतरण आदेश जारी किए गए थे। चौंकाने वाली बात यह रही कि ये तबादले माननीय प्रभारी मंत्री महोदय के बिना पूर्व अनुमोदन (prior approval) के ही कर दिए गए। यह कृत्य मध्य प्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 22 मई 2026 को जारी स्थानांतरण नीति का स्पष्ट उल्लंघन पाया गया है।

Role of Establishment Clerk Babita Khare in Illegal Transfer Orders 

जांच में पाया गया कि इन अनधिकृत स्थानांतरण आदेशों को जारी कराने में स्थापना लिपिक श्रीमती बबीता खरे (सहायक ग्रेड-2) की संलिप्तता थी। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि श्रीमती खरे का यह कृत्य म.प्र. सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 (एक), (दो), और (तीन) के तहत 'कदाचरण' (Misconduct) की श्रेणी में आता है। प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने के कारण प्रशासन ने उनके खिलाफ निलंबन की सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की है।

MP Civil Services Classification Control and Appeal Rules Suspension Details कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के तहत, श्रीमती बबीता खरे को म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspended) कर दिया गया है। निलंबन अवधि (Suspension period) के दौरान उनका मुख्यालय सिविल सर्जन कार्यालय, छतरपुर निर्धारित किया गया है।  

15-Day Deadline for Charge Sheet and Further Investigation 

प्रशासन ने इस मामले में आगे की कार्यवाही भी तेज कर दी है। कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, छतरपुर को निर्देशित किया है कि निलंबित कर्मचारी के विरुद्ध आरोप पत्र (Charge Sheet) 15 दिवस के अंदर तैयार कर कार्यालय में प्रस्तुत किया जाए। इस आदेश की प्रतियाँ संभागीय आयुक्त सागर, स्वास्थ्य सेवा संचालक भोपाल और माननीय प्रभारी मंत्री के विशेष सहायक को भी सूचना के लिए भेजी गई हैं। 

कलेक्टर द्वारा जारी किए गए निलंबन आदेश को पढ़ने पर स्पष्ट होता है कि इस मामले में स्थापना लिपिक भी शामिल है लेकिन कार्रवाई केवल स्थापना लिपिक के खिलाफ हुई है। CMHO, जिन्होंने ट्रांसफर आर्डर पर हस्ताक्षर किए, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जबकि ट्रांसफर पॉलिसी का पालन करना स्थापना लिपिक का नहीं बल्कि CHMO का दायित्व है।

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