भोपाल, 26 मई 2026: मध्य प्रदेश के सागर जिले में, कलेक्टर कार्यालय परिसर में, जनसुनवाई के दौरान श्री रामचरितमानस (रामायण) में आग लगा दी। वह इस बात से नाराज था कि उसकी शिकायत पर पुलिस ने वैसी कार्रवाई नहीं की जैसी वह चाहता था।
Ramayan Burnt at Sagar Collectorate During Public Hearing, Video Goes Viral on Social Media
मंगलवार को सागर कलेक्टर कार्यालय में जनसुनवाई के दौरान अचानक एक युवक ने रामायण में आग लगा दी। पूछे जाने पर पता चला कि वह अनुसूचित जाति का युवक है। योजना बनाकर आया था और अपने साथ श्री रामचरितमानस लेकर आया था। घटना के बाद उसने पत्रकारों को बताया कि, वह जैसीनगर थाना क्षेत्र का रहने वाला है। साल 2015 में उसके साथ मारपीट की घटना हुई थी। उसने इसकी सूचना जैसी नगर थाना पुलिस और गोपालगंज थाना पुलिस को दी थी। घटना को 10 साल पूरे हो गए लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसलिए उसने इस पवित्र ग्रंथ को आग लगा दी।
समाचार के लिखे जाने तक, इस मामले में किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई अथवा जांच नहीं हुई थी जबकि सोशल मीडिया पर इस घटना के वीडियो वायरल हो रहे हैं। विषय की संवेदनशीलता को देखते हुए, हम वायरल वीडियो को समाचार के साथ प्रस्तुत नहीं कर रहे हैं।
यहां याद दिलाना उचित होगा कि धार्मिक ग्रंथो को इस प्रकार से जलने की घटनाएं बढ़ने लगी है। पहले केवल मनुस्मृति नाम के ग्रंथ को जलाया जाता था। अब रामायण और श्रीमद् भागवत के साथ भी अभद्रता की जा रही है। यह मामला सामाजिक सौहार्ट में चिंता की स्थिति का अलार्म तो है ही लेकिन सवाल यह भी है कि क्या कलेक्टर कार्यालय जैसे सरकारी परिसर में कोई भी इस तरह की घटना कर सकता है?

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