मध्य प्रदेश जल संसाधन विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 8 सीनियर इंजीनियरों को एक्स्ट्रा पावर

Updesh Awasthee
भोपाल, 22 मई 2026:
मध्य प्रदेश शासन के जल संसाधन विभाग, मंत्रालय (वल्लभ भवन) द्वारा एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है। शासन द्वारा जारी आदेश क्रमांक 1/1/1/0008/2026-P1-31(WRD) के अनुसार, विभाग ने आठ वरिष्ठ कार्यपालन यंत्रियों को एक्स्ट्रा पावर भी है। उनके वर्तमान कार्यों के साथ-साथ आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से मुख्य अभियंता स्तर के पदों का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। यह आदेश मध्य प्रदेश शासन के अपर सचिव रवीन्द्र कुमार चौधरी द्वारा 22 मई 2026 को डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित किया गया है। 

MPWRD प्रभारी मुख्य अभियंताओं की लिस्ट दिनांक 22 मई 2026

  • श्री दुर्गा प्रसाद अनुरागी, कार्यपालन यंत्री: परियोजना प्रशासक, दतिया कमांड क्षेत्र विकास एवं जल प्रबंधन प्रकोष्ठ, दतिया से प्रभारी मुख्य अभियंता, बेतवा बोर्ड, झांसी।
  • श्री आर. आर. मीणा, कार्यपालन यंत्री: मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग, नर्मदापुरम एवं परियोजना संचालक बेतवा पी.एम.यू. भोपाल से प्रभारी मुख्य अभियंता, बोधी, भोपाल।
  • श्री कमलेश कुमार रैकवार, कार्यपालन यंत्री: कार्यालय प्रमुख अभियंता, जल संसाधन विभाग, भोपाल से प्रभारी मुख्य अभियंता, अंतर्राज्यीय, कार्यालय प्रमुख अभियंता, भोपाल।
  • श्री बी. के. सिंह, कार्यपालन यंत्री: अधीक्षण यंत्री, पनखा बांध मण्डल, देवलोद (शहडोल) एवं अति. परियोजना संचालक, रीवा कमांड क्षेत्र विकास एवं जल प्रबंधन, रीवा से प्रभारी परियोजना संचालक, मोहनपुरा कुण्डालिया परियोजना प्रबंधन इकाई, राजगढ़।
  • श्री प्रवीण कुमार खरे, कार्यपालन यंत्री: अधीक्षण यंत्री, जल संसाधन मण्डल, उज्जैन, अति. परि. संचालक अधीक्षण यंत्री एम.पी.एम.यू. इन्दौर एवं अति. परि. संचालक नमामि गंगे पी.एम.यू. उज्जैन से प्रभारी मुख्य अभियंता, चम्बल बेतवा कछार, भोपाल।
  • श्री विनोद कुमार मण्डलोई, कार्यपालन यंत्री: अधीक्षण यंत्री, जल संसाधन मण्डल, शहडोल से प्रभारी मुख्य अभियंता, गंगा कछार, रीवा।
  • श्री उदय सिंह परते, कार्यपालन यंत्री: अधीक्षण यंत्री, जल संसाधन मण्डल, बालाघाट से प्रभारी मुख्य अभियंता, वैन गंगा कछार, सिवनी।
  • श्री अरुण सिंह चौहान, कार्यपालन यंत्री: अधीक्षण यंत्री, जल संसाधन मण्डल, इन्दौर से प्रभारी मुख्य अभियंता, बांध सुरक्षा संगठन, भोपाल।

एक्स्ट्रा पावर में क्या-क्या मिला

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इन अधिकारियों को सौंपे गए प्रभार के फलस्वरूप, उन्हें मध्य प्रदेश कार्य संहिता (M.P. Work Code) 1983 के अपेंडिक्स 1.33 एवं 'बुक ऑफ फाइनेंशियल पावर्स' (Book of Financial Powers) 1995 के साथ-साथ वित्त विभाग के समय-समय पर जारी ज्ञापनों के तहत संबंधित पदों की प्रशासनिक एवं वित्तीय शक्तियाँ प्रत्यायोजित की जाती हैं। यह व्यवस्था तब तक प्रभावी रहेगी जब तक कि उक्त पदों पर नियमित नियुक्तियाँ नहीं हो जातीं। 

इसका मतलब हुआ कि नाम के आगे भले ही प्रभारी लिखा हो लेकिन पूरे प्रशासनिक और आर्थिक अधिकार प्रभार के साथ ही दिए जा रहे हैं। एक प्रकार से बिना राजतिलक के राजा, बिना प्रमोशन के मुख्य अभियंता।

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