भोपाल, 28 मई 2026: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज एक बड़ा हादसा टल गया। बैरागढ़ स्थित डीके अस्पताल में आग लग गई। अस्पताल के पास फायर एनओसी थी या नहीं, यह तो अभी पता नहीं चल पाया है लेकिन इतना जरूर साबित हो गया है कि, हॉस्पिटल मैनेजमेंट आग पर काबू पाने में सफल नहीं हो पाया। फायर ब्रिगेड ने तत्काल जाकर कंट्रोल किया नहीं तो कई मरीज और स्टाफ अस्पताल के अंदर जिंदा जलकर मर सकते थे।
Panic at DK Hospital in Bairagarh After Fire Incident, Fire Brigade Responds Quickly
दोपहर करीब 3.30 बजे सीहोर नाका स्थित डीके अस्पताल के एक वार्ड से धुआं उठता देख मरीज चिंतित हो उठे। उसी समय स्टाफ ने नगर निगम फायर ब्रिगेड को सूचना दी। दो दमकलें मौके पर पहुंचीं और आग बुझाना शुरू किया। करीब 40 मिनट में ही आग पर काबू पा लिया गया।
फायर सिस्टम और स्प्रिंकलर के कारण टला बड़ा हादसा
हॉस्पिटल मैनेजमेंट का कहना है कि, अस्पताल के अंदर फायर सिस्टम भी सक्रिय हो गया था। स्प्रिंकलर से पानी का रिसाव होने लगा इस कारण आग पर जल्दी काबू पा लिया गया। आग लगने से मरीज चिल्लाने लगे। हालांकि अस्पताल के संचालक डा. दुर्गेश खेमचंदानी का कहना है कि जहां आग लगी थी वहां मरीज नहीं थे।
सुरक्षा की दृष्टि से आसपास के मरीजों को नीचे शिफ्ट किया गया। मरीज कंचन तोलानी के अनुसार आग की सूचना से हम डर गए थे। समय पर शिफ्टिंग और आग पर काबू पा लेने के कारण हादसा टल गया।
AC से उठी थी चिंगारी
फायरमेन अनिल तिवारी के अनुसार अस्पताल के एसी से चिंगारी उठी थी जो वहां एक बेड के गद्दे पर पहुंच गई। गद्दे में लगी आग पूरे वार्ड में फैल गई। दमकल कर्मियों ने अस्पताल के दूसरी मंजिल के कांच तोड़कर आग बुझाना शुरू किया। अस्पताल की संचालक डा. पूनम पारवानी के अनुसार स्प्रिंकलर से पानी का रिसाव शुरू होने के कारण ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है, उस समय वार्ड खाली था।

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