मध्य प्रदेश में प्राथमिक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों में चिंता बढ़ती जा रही है। भर्ती प्रक्रिया को जानबूझकर न्यायालय में उलझाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे हजारों युवाओं का भविष्य और समय प्रभावित हो रहा है।
7.7 आरसीआई मान्यता प्राप्त बोर्ड स्पेशल डी.एल.एड. अभ्यर्थियों को आवेदन के दौरान एक विकल्प में “हाँ” दर्ज करना था, जिससे उन्हें प्राप्त अंकों पर 5% बोनस का लाभ मिल सकता था। लेकिन कुछ अभ्यर्थियों से आवेदन भरते समय त्रुटि हो गई। इस त्रुटि को सुधारने के लिए एमपी ईएसबी ने अभ्यर्थियों को तीन बार संशोधन का अवसर दिया। पहला मौका आवेदन के बाद, दूसरा मौका परीक्षा के बाद 25 दिसंबर से 10 जनवरी तक, और तीसरा मौका 4 फरवरी से 11 फरवरी तक दिया गया। इस दौरान ईएसबी की ओर से अभ्यर्थियों को मोबाइल मैसेज और ईमेल के माध्यम से भी सूचना दी गई थी।
इसके बावजूद, कई अभ्यर्थियों ने समय रहते सुधार नहीं किया। अब कम अंकों के कारण चयन से बाहर रहने वाले कुछ अभ्यर्थियों द्वारा भर्ती प्रक्रिया पर आपत्ति दर्ज कराई जा रही है। अकुछ कोचिंग संस्थानों के प्रभाव में आकर भर्ती के खिलाफ मामला दायर किया गया, जिससे पूरी प्रक्रिया हाई कोर्ट के अंतिम निर्णय के अधीन पहुंच गई है।
Selected and Eligible Candidates Worried Over Delay in Primary Teacher Recruitment
आंकड़ों के अनुसार, इस पूरी भर्ती प्रक्रिया में “हाँ” विकल्प का चयन कुल 14,964 अभ्यर्थियों ने किया था। इनमें से केवल 1,146 अभ्यर्थी ही 60 से अधिक अंक प्राप्त कर सके। वहीं, आरसीआई श्रेणी के तहत मेरिट में आने वाले अभ्यर्थियों की संख्या लगभग 751 बताई जा रही है। 11,987 रिक्त पदों पर जारी इस भर्ती परिणाम से 10,000 से अधिक अभ्यर्थियों का भविष्य सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। ऐसे में पूरी भर्ती प्रक्रिया को अनावश्यक विवादों में उलझाना हजारों युवाओं के साथ अन्याय है।
शासन और संबंधित विभाग से मांग है कि मामले का शीघ्र समाधान कराया जाए, ताकि दस्तावेज सत्यापन और नियुक्ति प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके। लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे युवाओं के साथ न्याय होना चाहिए और भर्ती प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से बाधित नहीं किया जाना चाहिए।
पत्र लेखक: अमन शर्मा, अभ्यर्थी (+91 747 034 7547)
अस्वीकरण: खुला खत एक ओपन प्लेटफॉर्म है। यहाँ मध्य प्रदेश के सभी जागरूक नागरिक सरकारी नीतियों की समीक्षा करते हैं, सुझाव देते हैं, और समस्याओं की जानकारी देते हैं। पत्र लेखक के विचार उसके निजी हैं। यदि आपके पास भी कुछ ऐसा है, जो मध्य प्रदेश के हित में हो, तो कृपया लिख भेजें। हमारा ई-मेल पता है: editorbhopalsamachar@gmail.com

.png)