भोपाल समाचार, 1 मार्च 2026 : मध्य प्रदेश में पुलिस डिपार्टमेंट की तरह फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की भी अपनी अलग पॉलिटिक्स होती है। 1991 बैच के आईएफएस ऑफिसर शुभ रंजन सेन को Head of Forest Force Madhya Pradesh India नियुक्त किया गया है, लेकिन समाचार उनकी नियुक्ति नहीं बल्कि नियुक्ति का तरीका है। श्री शुभ रंजन को, डिपार्टमेंट के चार सीनियर्स को सुपरसीड करके HoFF बनाया गया है।
Major Bureaucratic Move: Shubh Ranjan Sen Made Head of Forest Force
श्री शुभ रंजन सेन का नियुक्ति आदेश, वन विभाग मंत्रालय द्वारा दिनांक 28 फरवरी 2026 को जारी किया गया। शुभ रंजन सेन को नया वन बल प्रमुख (हेड ऑफ फॉरेस्ट फोर्स) नियुक्त किया है। इस संबंध में शनिवार को आदेश जारी कर दिए गए। सेन फिलहाल प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) के पद पर पदस्थ थे। उन्हें चार वरिष्ठ आईएफएस अधिकारियों की वरिष्ठता को दरकिनार (सुपरसीड) करते हुए यह जिम्मेदारी दी गई है।
इनमें 1989 बैच के एचयू खान तथा 1990 बैच के बिभाष ठाकुर, असित गोपाल और रेणु सिंह शामिल हैं। असित गोपाल और रेणु सिंह वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। सूत्रों के अनुसार बिभाष ठाकुर को लघु वनोपज संघ या इको टूरिज्म बोर्ड की जिम्मेदारी दी जा सकती है। वहीं वन बल प्रमुख पद की प्रबल दावेदार मानी जा रहीं समीता राजौरा को अगला चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन बनाया जा सकता है।
स्थिरता का कार्ड चल के वरिष्ठता को पछाड़ दिया
पॉलिटिक्स में कब कौन सा कार्ड चल जाए कहा नहीं जा सकता। HoFF के पद पर अब तक सबसे सीनियर IFS ऑफिसर को ही नियुक्त किया जाता था। उनका कार्यकाल कितना होगा इस बात पर ध्यान नहीं दिया जाता था। एके पाटिल का कार्यकाल मात्र एक माह का था, लेकिन इस बार सीनियरिटी के सामने स्टेबिलिटी का कार्ड खेला गया। इस आधार पर एचयू खान और विभाष कुमार ठाकुर की दावेदारी खत्म हो गई और असित गोपाल एवं रेणु सिंह पहले से ही मैदान छोड़कर केंद्रीय प्रति नियुक्ति पर जा चुके हैं।

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