आचार्य कमलांश कहते हैं, किस्मत को पहचानने के लिए ज्ञान बहुत जरूरी होता है। यह न्यूज़ स्टोरी बिल्कुल ऐसी ही है। पृथ्वी पर ऐसे कई पत्थर पड़े हुए हैं। यह पत्थर करीब 1000 साल पहले पृथ्वी पर गिरा था। लाखों लोग इसके पास से निकल गए लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। एक व्यक्ति के पास थोड़ी सी नॉलेज थी, वह इस पत्थर को पहचान तो नहीं पाया लेकिन फिर भी उठा लाया। 3 साल बाद उसे पता चला, यह पत्थर केवल मूल्यवान नहीं बल्कि अत्यंत दुर्लभ है। सोने की इसके सामने कोई वैल्यू नहीं है। इस पत्थर के बदले में मुंह मांगी रकम मिल सकती है।
वह गोल्ड डिटेक्टर लेकर सोने की तलाश में निकला था
मामला 2015 का है। विक्टोरिया प्रांत के मैरीबरो शहर के रहने वाले डेविड होल गोल्ड डिटेक्टर लेकर मैरीबरो रीजनल पार्क में सोना ढूंढ रहे थे। वहां पीली मिट्टी में उन्हें एक अजीब सा भारी लाल-भूरा पत्थर मिला। वजन भी अच्छा-खासा था, तो उन्होंने सोचा – बस, सोने की डलिया हाथ लग गई! घर ले आए और फिर शुरू हुआ सिलस्पेंस।
3 साल तक पत्थर में से तिनका तक नहीं टूटा
हथौड़ा मारा, चीजल मारा, ड्रिल मारा, यहां तक कि एसिड तक डाल दिया – पत्थर टस से मस नहीं हुआ। तीन साल तक यही सिलसिला चलता रहा। आखिरकार 2018 में थक-हारकर डेविड उस पत्थर को लेकर मेलबर्न म्यूजियम पहुंच गए।
पत्थर के अंदर chondrules मिले
वहां जियोलॉजिस्ट डर्मोट हेनरी ने एक नजर में कह दिया भाई, ये सोना नहीं, अंतरिक्ष से आया मेहमान है! पत्थर की सतह पर जो गड्ढे और निशान थे, वो बताते थे कि ये आग का गोला बनकर पृथ्वी के वायुमंडल से गुजरा है।
काटकर देखा गया तो अंदर मिले छोटे-छोटे क्रिस्टल के गोले – जिन्हें chondrules कहते हैं। ये हमारे सौरमंडल के जन्म के समय के गवाह हैं। वैज्ञानिकों ने कन्फर्म किया कि ये H5 प्रकार का ordinary chondrite है, यानी 4.6 अरब साल पुराना। मतलब पृथ्वी से भी पुराना!
सबसे मजेदार बात, पूरा विक्टोरिया राज्य में अब तक सिर्फ 17 उल्कापिंड ही मिले हैं, जबकि सोने की हजारों टुकड़े मिल चुके हैं। ये वाला 17 किलो का पत्थर विक्टोरिया का दूसरा सबसे बड़ा chondrite meteorite है। वैज्ञानिकों का कहना है कि ये शायद 1000 साल पहले धरती पर गिरा होगा।
डेविड होल आज भी हैरान हैं कि जिस चीज को वो कबाड़ समझ रहे थे, वो असल में ब्रह्मांड का टाइम कैप्सूल थी।
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- 2023 में राजस्थान के श्रीगंगानगर में एक किसान को खेत जोतते वक्त 6.4 किलो का उल्कापिंड मिला था, जिसकी कीमत कई करोड़ बताई गई।
- 2019 में राजस्थान के ही सिरोही जिले में एक उल्कापिंड गिरा था, जिसकी आवाज कई किलोमीटर तक सुनाई दी थी।
- 2003 में विक्टोरिया में ही 55 किलो का एक और बड़ा chondrite मिला था, जो अभी भी सबसे बड़ा है।
ब्रह्मांड कभी-कभी ऐसे सरप्राइज देता है कि सोना भी फीका पड़ जाए!
Moral of the Story
इस न्यूज़ स्टोरी को प्रकाशित करने का उद्देश्य केवल इतना है कि, जमीन पर लावारिस पड़े हुए पत्थरों की पहचान करना सीख लीजिए और यदि कुछ अजीब सा दिखाई देता है तो उसके बारे में पता कीजिए। क्या पता आपके हाथ भी करोड़ों रुपए मूल्य का कोई उल्कापिंड लग जाए।
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