भोपाल, 30 नवंबर 2025: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से 70 किलोमीटर दूर सीहोर जिले VIT BHOPAL के नाम से स्थित यूनिवर्सिटी का वर्णन पिछले तीन दिन से फरार चल रहा है। उसके खिलाफ मामला भी दर्ज हो चुका है। उसके कारण यूनिवर्सिटी में इतना बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ लेकिन लोकल पुलिस ने अब तक उसे गिरफ्तार नहीं किया है। यूनिवर्सिटी के 4000 स्टूडेंट और इनमें से कुछ के पेरेंट्स वार्डन की तलाश कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ यूनिवर्सिटी के पानी में मिला E-coli बैक्टीरिया जिसके कारण पीलिया और किडनी तक फैल हो जाती है।
VIT BHOPAL यूनिवर्सिटी पर सख्त एक्शन की तैयारी
मध्य प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग (Higher Education Department) ने campus की गंभीर स्थिति का संज्ञान (cognizance) लेते हुए यूनिवर्सिटी के खिलाफ सख्त एक्शन (strict action) की तैयारी शुरू कर दी है। सरकारी सूत्रों ने बताया कि विश्वविद्यालय के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी चल रही है। Campus में दूषित पानी (contaminated water), खराब गुणवत्ता वाले भोजन (poor-quality food) और अपर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाओं (inadequate health facilities) की कई शिकायतें सामने आई थीं, जिसके कारण छात्रों में बड़े पैमाने पर पीलिया (jaundice) फैला।
सख्त कार्रवाई में यूनिवर्सिटी के खिलाफ क्या किया जाएगा?
विभाग ने इस हंगामे की जांच (probe) के लिए एक तीन सदस्यीय समिति (three-member committee) बनाई थी, जिसने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। समिति ने अपनी रिपोर्ट में campus प्रशासन की गंभीर खामियों (serious lapses), खराब crisis management और संस्थागत प्रक्रियाओं (institutional procedures) के उल्लंघन का जिक्र किया है। इन निष्कर्षों के आधार पर, विभाग अब सुधारात्मक उपायों (corrective measures) का मसौदा तैयार कर रहा है, जिसमें विश्वविद्यालय के प्रमुख अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई (disciplinary proceedings) और मौद्रिक दंड (monetary penalties) भी शामिल हो सकते हैं।
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पानी में मिला 'ई. कोलाई' बैक्टीरिया: पीएचई (Public Health Engineering) विभाग द्वारा लिए गए पानी के सैंपलों में से 4 सैंपल फेल हो गए हैं और ट्यूबवेल (tubewell), ग्राउंड टैंक (ground tank) और RO सिस्टम के पानी में खतरनाक 'ई. कोलाई' (E. coli) बैक्टीरिया पाया गया है, जो पीलिया और किडनी फेल (kidney failure) जैसी गंभीर बीमारियां फैलाता है। 30 से अधिक छात्र पीलिया से पीड़ित बताए गए हैं।
कैंपस 8 दिसंबर तक बंद: भारी बवाल के बाद यूनिवर्सिटी ने पहले 30 नवंबर तक छुट्टी घोषित की थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 8 दिसंबर कर दिया गया है।
सीएम ने लिया संज्ञान: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बवाल का संज्ञान लिया और जिले की प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर को campus का दौरा करने के लिए भेजा, जिन्होंने प्रबंधन को छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से लेने की सख्त हिदायत दी।
प्रोफेसर का शव मिला: छात्रों के प्रदर्शन के बीच वीआईटी के एक फैकल्टी संग्राम केसरी दास का शव उनके किराए के कमरे में मिला है। फिलहाल, उनकी मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है।
FIR की जंग: वार्डन प्रशांत पांडे के खिलाफ मारपीट और आपराधिक धमकी (criminal intimidation) के तहत FIR दर्ज की गई, वहीं यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने भी तोड़फोड़ और आगजनी के लिए 4000 अज्ञात छात्रों के खिलाफ काउंटर FIR (counter complaint) दर्ज करवाई है।
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