हम सब जानते हैं कि ब्रह्मांड में पृथ्वी का सूत्र था लेकिन पृथ्वी के अंदर जीवन नहीं था। जब वह भयंकर टक्कर हुई, पृथ्वी से टूटकर एक हिस्सा अलग हुआ और चंद्रमा बना, पृथ्वी के ऑर्बिट में परिवर्तन हुआ, तब कहीं जाकर पृथ्वी पर जीवन का प्रारंभ हुआ। आज से पहले तक हम जानते थे कि कुछ बहुत बड़ा अंतरिक्ष से आया और पृथ्वी से टकरा गया। लेकिन अब वैज्ञानिकों ने बता दिया है कि वह, कहीं बहुत दूर से नहीं आया था बल्कि पृथ्वी के साथ ही पैदा हुआ था और पृथ्वी का सबसे पड़ोसी ग्रह था। यह टक्कर कुछ इस प्रकार की थी कि उस ग्रह ने अपना पूरा अस्तित्व ही खत्म कर दिया। उसके अवशेष तक शेष नहीं है।
पृथ्वी और एक रहस्यमयी, खोई हुई दुनिया की कहानी
यह कहानी उस मुख्य प्रश्न का उत्तर देती है: वह क्या था जो पृथ्वी से टकराया और जीवन प्रारंभ हुआ? यह दस्तावेज़ आपको एक विशाल टक्कर की रोमांचक वैज्ञानिक कहानी की गहराई में ले जाएगा। यह कहानी हमारी युवा पृथ्वी और एक रहस्यमयी, खोई हुई दुनिया के बारे में है, जिसका अस्तित्व हमारे चंद्रमा के जन्म से जुड़ा हुआ है। यह कहानी एक बहुत बड़ी और नाटकीय घटना से शुरू होती है, जिसने हमारे सौर मंडल को हमेशा के लिए बदल दिया।
The Giant Impact that Created the Moon
हमारे सौर मंडल का शुरुआती समय आज की तुलना में बहुत अलग था। यह एक बहुत ही व्यस्त और टकराव वाली जगह थी, जहाँ नए-नए ग्रह बन रहे थे और एक-दूसरे से टकरा रहे थे। इसी उथल-पुथल भरे माहौल में, हमारी कहानी के दो मुख्य पात्र सामने आते हैं: एक हमारी युवा पृथ्वी और दूसरा एक और ग्रह जिनको हमारे वैज्ञानिकों ने Theia नाम दिया है।
Giant Impact Hypothesis
वैज्ञानिकों का मानना है कि आज से अरबों साल पहले, Theia नाम का यह ग्रह हमारी पृथ्वी से टकरा गया था। यह कोई मामूली टक्कर नहीं थी, बल्कि एक महान परिवर्तनकारी घटना थी, जिसे 'विशाल टक्कर का सिद्धांत' (Giant Impact Hypothesis) कहा जाता है। इस टक्कर के परिणाम बहुत गहरे और स्थायी थे:
- Theia पूरी तरह से नष्ट हो गया और अंतरिक्ष में बिखर गया।
- पृथ्वी का आकार, उसका द्रव्यमान (mass) और उसकी संरचना (composition) हमेशा के लिए बदल गई।
- इस टक्कर ने सूर्य के चारों ओर पृथ्वी की कक्षा (orbit) को भी प्रभावित किया।
- सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस टक्कर से जो मलबा (debris) अंतरिक्ष में फैला, वह धीरे-धीरे इकट्ठा होकर हमारे प्यारे चंद्रमा में बदल गया।
Theia इस प्रक्रिया में पूरी तरह से खत्म हो गया, और इसी वजह से वह हमारे सौर मंडल का एक बड़ा रहस्य बन गया। वैज्ञानिक आज भी उसके बारे में और जानने की कोशिश कर रहे हैं।
The Mystery of Theia
वैज्ञानिक किसी पहेली को सुलझाने वाले जासूसों की तरह होते हैं। वे सुराग इकट्ठा करते हैं, उनका विश्लेषण करते हैं और अतीत की घटनाओं को फिर से बनाने की कोशिश करते हैं। इस मामले में, सबसे बड़ी पहेली Theia ही है। चूँकि वह पूरी तरह से नष्ट हो गया था, उसके बारे में सीधे तौर पर जानकारी जुटाना असंभव है। फिर भी, वैज्ञानिक कुछ महत्वपूर्ण सवालों के जवाब खोजने में लगे हुए हैं।
वे जिन प्रमुख प्रश्नों का उत्तर खोजने की कोशिश कर रहे हैं, वे हैं:
- Theia क्या था? (What type of object was Theia?)
- कितना बड़ा था? (How big was it?)
- किस चीज़ से बना था? (What was it made of?)
- कहाँ से आया था? (Where in the solar system did Theia emerge from?)
इन सवालों के जवाब देना बहुत मुश्किल है क्योंकि Theia का कोई भी हिस्सा साबुत नहीं बचा है। लेकिन वैज्ञानिकों के पास कुछ मज़बूत सुराग हैं, जो पृथ्वी और चंद्रमा की चट्टानों में छिपे हैं। अब वैज्ञानिक इन्हीं सुरागों का उपयोग करके Theia की कहानी को फिर से बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
Scientific Detective Work: Investigating the Clues
जिस तरह पुरातत्वविद (archaeologists) पुरानी कलाकृतियों का अध्ययन करके इतिहास को समझते हैं, उसी तरह खगोल वैज्ञानिक पृथ्वी और चंद्रमा की चट्टानों का अध्ययन करके हमारे सौर मंडल के अतीत के बारे में सीखते हैं। Theia के रहस्य को सुलझाने के लिए, MPS रिसर्चर टिमो हॉप और उनकी रिसर्च टीम ने यही तरीका अपनाया। टीम की रिसर्च गुरुवार (20 नवंबर 2025) को साइंस जर्नल में पब्लिश हुई।
उन्होंने कई महत्वपूर्ण सबूतों की जाँच की:
- उन्होंने पृथ्वी से लिए गए 15 चट्टानों के नमूनों और Apollo मिशन (Apollo missions) के अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा चंद्रमा से लाए गए 6 चट्टानों के नमूनों का अध्ययन किया।
- उन्होंने इन चट्टानों में मौजूद तत्वों के 'आइसोटोप' (isotopes) का विश्लेषण किया। आइसोटोप को सरल शब्दों में "एक ही तत्व के अलग-अलग स्वाद" कहा जा सकता है, जिनमें न्यूट्रॉन की संख्या थोड़ी भिन्न होती है।
- उन्होंने विशेष रूप से लोहा (iron), क्रोमियम (chromium), मोलिब्डेनम (molybdenum), और जिरकोनियम (zirconium) जैसे तत्वों के आइसोटोप पर ध्यान केंद्रित किया।
इस जांच के पीछे का तर्क यह था कि शुरुआती सौर मंडल में, आइसोटोप समान रूप से वितरित नहीं थे। इसलिए, किसी भी ग्रह या खगोलीय पिंड की आइसोटोप संरचना यह बता सकती है कि वह सूर्य के पास बना था या उससे बहुत दूर। यह एक तरह का "खगोलीय फिंगरप्रिंट" (cosmic fingerprint) होता है।
एक और महत्वपूर्ण सुराग यह था कि पृथ्वी का पिघला हुआ कोर (molten core) उस विनाशकारी टक्कर से पहले ही बन चुका था। इस कोर में लोहा और मोलिब्डेनम जैसे भारी तत्व जमा हो गए थे, जिससे टक्कर से ठीक पहले पृथ्वी की ऊपरी परत (mantle) में इन तत्वों की स्वाभाविक रूप से कमी थी। इसलिए, वैज्ञानिकों का तर्क है कि आज मेंटल में पाया जाने वाला कोई भी अतिरिक्त लोहा और मोलिब्डेनम टक्कर के दौरान Theia से ही आया होगा, जो इसे Theia की संरचना का एक महत्वपूर्ण सुराग बनाता है। इन सभी सुरागों को एक साथ रखकर, वैज्ञानिकों ने एक आश्चर्यजनक निष्कर्ष निकाला।
The Big Reveal: Theia, Earth's Lost Neighbor
सभी सबूतों की गहन जाँच के बाद, शोधकर्ता एक रोमांचक और आश्चर्यजनक निष्कर्ष पर पहुँचे, जिसने Theia के बारे में हमारी समझ को बदल दिया।
शोध का मुख्य निष्कर्ष यह है कि Theia किसी बाहरी सौर मंडल से आया हुआ अजनबी नहीं था, बल्कि वह आंतरिक सौर मंडल (inner solar system) में पृथ्वी के साथ ही बना था। सरल शब्दों में कहें तो, Theia हमारा पड़ोसी था। शोध टीम के लीडर, टीमो हॉप (Timo Hopp) के अनुसार, "सबसे विश्वसनीय परिदृश्य यह है कि पृथ्वी और Theia के अधिकांश निर्माण खंड आंतरिक सौर मंडल में ही उत्पन्न हुए थे।"
इस जांच में एक और आश्चर्यजनक खोज सामने आई। जब वैज्ञानिकों ने Theia की अनुमानित संरचना की तुलना पृथ्वी पर पाए गए उल्कापिंडों (meteorites) से की, तो वे मेल नहीं खाते थे। इसका मतलब यह है कि Theia के निर्माण में "अब तक अज्ञात सामग्री" (hitherto unknown material) शामिल हो सकती है। यह खोज हमें दिखाती है कि हमारे अपने सौर मंडल में भी अभी कितने रहस्य छिपे हुए हैं, जिनके बारे में हम कुछ भी नहीं जानते।
Conclusion
चंदा मामा की कहानी सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि हमारे ग्रह के अतीत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। एक समय था जब पृथ्वी का एक पड़ोसी ग्रह Theia था। वह पृथ्वी से टकराया, जिससे हमारे चंद्रमा का जन्म हुआ और आज वैज्ञानिक पृथ्वी और चंद्रमा की चट्टानों में छिपे सुरागों का उपयोग करके इस खोई हुई दुनिया के रहस्य को उजागर कर रहे हैं। यह खोज हमें बताती है कि Theia बाहरी सौर मंडल से नहीं, बल्कि हमारे ही घर, यानी आंतरिक सौर मंडल से आया था।
तो अगली बार जब आप रात में आसमान में चमकते 'चंदा मामा' को देखें, तो याद रखें कि उनकी कहानी सिर्फ परियों की कहानियों में ही नहीं, बल्कि विज्ञान में भी उतनी ही जादुई और रहस्यमयी है। यह हमारे ग्रह के एक खोए हुए साथी और एक अविश्वसनीय खगोलीय घटना की कहानी है, जिसने हमारी दुनिया को वह रूप दिया जिसे हम आज जानते हैं। रिपोर्ट: उपदेश अवस्थी।
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