Human Thought Speed - मानव मस्तिष्क में विचार की गति कितनी है, जानकर आप भी दंग रह जाएंगे

Bhopal Samachar
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Journal Neuron में दिनांक 17 दिसंबर को प्रकाशित हुई एक रिसर्च रिपोर्ट ने सबको यह विचार करने पर मजबूर कर दिया है कि मनुष्य की विचार करने की स्पीड कितनी होती है। इस रिसर्च रिपोर्ट के नतीजे जानकर हर कोई दंग रह गया है। इस अध्ययन ने न्यूरोसाइंटिस्ट्स (Neuroscientists) के लिए नए शोध के रास्ते खोल दिए हैं। हमारी इंद्रियां और मस्तिष्क की प्रक्रिया के बीच में बहुत बड़ा अंतर सामने आ गया है।

मनुष्य के सोचने की स्पीड क्या होती है

Anne P. and Benjamin F. Biaggini Professor of Biological Sciences की laboratory of Markus Meister (PhD ’87) में कि यह रिसर्च की गई। स्नातक के विद्यार्थी Jieyu Zheng इस अध्ययन का नेतृत्व कर रहे थे। उनकी स्टडी रिपोर्ट journal Neuron में दिनांक 17 दिसंबर को प्रकाशित की गई। मानव मस्तिष्क में विचारों की गति का कैलकुलेशन करने के लिए "Bit" इकाई का उपयोग किया गया। कंप्यूटिंग में जानकारी की बुनियादी इकाई को बिट (Bit) कहते हैं। एक सामान्य वाई-फाई कनेक्शन 50 मिलियन बिट्स प्रति सेकंड की प्रक्रिया कर सकता है। इस अध्ययन में पाया गया कि मानव मस्तिष्क में विचारों के बनने की गति सिर्फ 10 Bits प्रति सेकंड है। उदाहरण के लिए जब हम कोई कंप्यूटर का गेम खेल रहे होते हैं, सड़क पर कोई व्हीकल चला रहे होते हैं, शतरंज का खेल खेल रहे होते हैं अथवा सबसे विषम परिस्थिति, अपनी जान बचाने का प्रयास कर रहे होते हैं। तब भी हमारे दिमाग में विचार की स्पीड 10 Bits प्रति सेकंड से अधिक नहीं होती। 

क्या मानव मस्तिष्क में विचारों की पैदा होने की स्पीड पर्याप्त है

कंप्यूटर के वाई-फाई कनेक्शन से अथवा किसी भी दूसरे प्रकार की प्रक्रिया से हम अपने मस्तिष्क में विचारों के पैदा होने की स्पीड का तुलनात्मक अध्ययन करेंगे तो इसे उचित नहीं कहा जा सकता है। इस अध्ययन में पता चला है कि, हमारी अपनी ज्ञानेंद्रियां (आंख, कान, नाक, जीभ, और त्वचा) एक अरब बिट्स प्रति सेकंड की दर से डेटा एकत्र करती है। अर्थात जब तक हमारे दिमाग में एक विचार पैदा होता है तब तक हमारे दिमाग में एक ट्रिलियन जानकारी एकत्रित हो चुकी होती है। इसका दूसरा अर्थ यह हुआ कि, हम प्रकृति से प्राप्त इनफॉरमेशन का न्यूनतम उपयोग भी नहीं कर पा रहे हैं। कहां एक अरब और कहां दस। 

मानव मस्तिष्क में विचार पैदा होने की प्रक्रिया इतनी स्लो क्यों है

मस्तिष्क में 85 अरब से अधिक न्यूरॉन्स (Neurons) हैं, जिनमें से एक तिहाई उच्च-स्तरीय सोच के लिए जिम्मेदार हैं और यह कॉर्टेक्स (Cortex) में स्थित हैं। प्रत्येक न्यूरॉन शक्तिशाली सूचना प्रसंस्करण करता है और आसानी से 10 बिट्स प्रति सेकंड से अधिक जानकारी प्रसारित कर सकता है, लेकिन वे ऐसा क्यों नहीं करते। शायद इसलिए क्योंकि मनुष्य के अस्तित्व में आने के बाद से हजारों साल तक, हम अपने मस्तिष्क का उपयोग सिर्फ भोजन की तलाश करने और शिकारी से बचने के लिए क्या करते थे। बाद में हमने नेविगेशन के लिए अपने मस्तिष्क का उपयोग करना शुरू किया। मनुष्य, पृथ्वी का बिल्कुल नया प्राणी है। पृथ्वी पर हमारा अस्तित्व सिर्फ 3 लाख साल पुराना है, अर्थात हम विकास की प्रारंभिक प्रक्रिया में है। अब तक हमने एक समय में केवल एक विचार का अभ्यास किया है। जैसे-जैसे मनुष्य अपने मस्तिष्क का उपयोग बढ़ाते चले जाएंगे, मानव मस्तिष्क में विचारों के पैदा होने की स्पीड भी बढ़ती चली जाएगी। ✒ उपदेश अवस्थी
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