MP NEWS - पूर्व मंत्री एवं 7 अधिकारियों के खिलाफ लोकायुक्त भोपाल में मामला दर्ज

मध्य प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री एवं उज्जैन के नेता श्री पारस जैन, लोक निर्माण विभाग के तीन इंजीनियर एवं सांख्यिकी अधिकारी सहित कुल 8 लोगों के खिलाफ लोकायुक्त द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। सभी के खिलाफ पद का दुरुपयोग करने का आरोप है। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भी उज्जैन के नेता हैं। 

जनहित के नाम पर अपनी पत्नी के खेत की बाउंड्री वाल बना ली

मामला 2 साल पुराना है। लोकायुक्त में एक शिकायत की गई थी। आरोप लगाया गया था कि, श्री पारस जैन द्वारा विधायक निधि का दुरुपयोग किया गया है। उन्होंने जनता के हित में खर्च करने के लिए दी गई विधायक निधि की धनराशि को व्यक्तिगत हित के लिए खर्च किया। लोकायुक्त द्वारा शिकायत की जांच के बाद बताया गया कि तत्कालीन विधायक श्री पारस जैन ने अपनी निजी जमीन पर एक दीवार का निर्माण करवाया है जिसमें सरकारी खजाने से लगभग डेढ़ करोड़ रुपए खर्च किया गया है। गवर्नमेंट डॉक्यूमेंट में यह बताया गया है कि इस दीवार के निर्माण से आम नागरिकों को लाभ मिलेगा। लोकायुक्त की जांच में पाया गया कि, इस दीवार के निर्माण से लोगों को कोई लाभ नहीं मिलेगा केवल भूमि के स्वामी श्री पारस जैन को लाभ मिलेगा। 

पूर्व मंत्री पारस जैन के खिलाफ लोकायुक्त शिकायत का विवरण

लोकायुक्त इंस्पेक्टर डॉ. बसंत श्रीवास्तव ने बताया कि दिनेश चौहान निवासी देवास द्वारा लोकायुक्त भोपाल को उज्जैन उत्तर विधानसभा के पूर्व विधायक पारस जैन द्वारा लगभग दो साल पहले पांड्याखेड़ी गांव में स्थित सिलिंग की जमीन को पद का दुरुपयोग कर लगभग 15 बीघा जमीन अपनी पत्नी अंगूरबाला जैन के नाम से कॉटन मर्चेंट शैक्षणिक एवं पारमार्थिक न्यास के नाम से लगभग 80 लाख रुपये में क्रय करने के साथ ही करीबन दो बीघा नाले से लगी हुई शासकीय भूमि पर भी अवैध कब्जा करने की शिकायत के साथ ही भूमि पर पूर्व मंत्री व विधायक पारस जैन द्वारा विधायक रहते हुए पद का दुरुपयोग कर शासकीय विधायक निधि से लगभग 81 लाख रुपये में नाले की तरफ से लेकर अपनी पूरी कृषि भूमि के चारों और बाउण्ड्री वाल बनवाने की शिकायत की गई थी, जिसमें बताया गया था कि पूर्व मंत्री पारस जैन ने शासकीय विधायक निधि की राशि लगभग 81 लाख रुपये अपने निजी कार्य में उपयोग कर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाई थी। 

2020 से 2023 तक निर्माण कार्य चला, अधिकारियों ने आपत्ति नहीं उठाई

तत्कालीन विधायक पारस जैन द्वारा विधायक निधि वर्ष 2020-2021 से 89.18 लाख रुपये स्वीकृत की गई थी। पुल की सुरक्षा दीवार की कुल लंबाई 230 मीटर है, जिसमें से 0-75 मीटर सुरक्षा दीवार का निर्माण हो चुका है। आगे शेष 80 मीटर दीवार के निर्माण कार्य हेतु वर्ष 2021-2022 से 99.90 लाख रुपये स्वीकृत कर निर्माण एजेंसी लोक निर्माण विभाग उज्जैन को बनाए जाने हेतु अनुशंसा कलेक्टर, जिला उज्जैन को की गई थी। प्रशासकीय स्वीकृति उपरांत जिला योजना अधिकारी, संभागीय योजना एवं सांख्यिकी उज्जैन संभाग उज्जैन द्वारा कलेक्टर के माध्यम से 31/3/2022 को कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग (भ/प) उज्जैन को निर्माण एजेंसी बनाया था। तत्कालीन विधायक पारस जैन द्वारा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना वर्ष 2023-2024 में प्राप्त आवंटन में से उज्जैन शहर के वार्ड क्रमांक 4 पिंग्लेश्वर मार्ग पर स्थित पिल्याखाल नाले पर पुल की सुरक्षा स्थाई पक्की दीवार चैनेज 174.20 से 204.70 मीटर कुल लम्बाई 30.50 मीटर का निर्माण कार्य लागत राशि 44.76 लाख रुपये स्वीकृत कर निर्माण एजेंसी लोक निर्माण विभाग को बनाये जाने हेतु अनुशंसा कलेक्टर, जिला उज्जैन को की गई थी। उक्त अनुशंसा अनुसार कार्यालय कलेक्टर (योजना एवं सांख्यिकी) सम्राट विक्रमादित्य प्रशासनिक संकुल भवन, उज्जैन के आदेश द्वारा प्रशासकीय आदेश जारी कर लोक निर्माण विभाग को निर्माण एजेंसी बनाया गया था। 

लोक निर्माण विभाग में राजस्व विभाग से पत्राचार तक नहीं किया

जांच के दौरान लोक निर्माण विभाग से प्राप्त दस्तावेजों में ऐसा कोई पत्राचार के दस्तावेज नहीं मिला, जिससे कि यह परिलक्षित हो कि लोक निर्माण विभाग ने हल्का पटवारी या तहसीलदार से नाले की भूमि संबंधित दस्तावेजों की मांग की हो या आहूत किये हो। लोक निर्माण विभाग द्वारा ऑनलाइन खसरे की नकल को निकालकर दस्तावेजों में सम्मिलित किया गया है। नाले की भूमि के संबंध में सत्यापन लोक निर्माण विभाग द्वारा नहीं किया गया है।

किस-किस के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज

  • तत्कालीन विधायक पारसचंद्र जैन, उज्जैन उत्तर मध्यप्रदेश विधानसभा। 
  • राजेन्द्र कुमार जैन तत्कालीन अधीक्षण यंत्री लोक निर्माण विभाग उज्जैन मण्डल उज्जैन। 
  • जी.पी. पटेल तत्कालीन कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग उज्जैन मण्डल उज्जैन। 
  • सीमा सागर, अनुविभागीय अधिकारी, लोक निर्माण विभाग उज्जैन।
  • गौतम अहिरवार, कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग उज्जैन। 
  • संदीप बेनीवाल, अनुविभागीय अधिकारी, लोक निर्माण विभाग संभाग उज्जैन। 
  • शरद त्रिपाठी, उपयंत्री, लोक निर्माण विभाग उज्जैन। 
  • डॉ. राजश्री सांकले, जिला सांख्यिकी अधिकारी, योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय उज्जैन। 
धारा 7, 13(1)ए, 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) एवं 420, 120बी भारतीय दण्ड विधान के अंतर्गत पंजीबद्ध किया गया। 

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