BANK FD - कई बैंकों ने ब्याज दरों में बदलाव किए, पढ़िए आपके बैंक का इंटरेस्ट रेट

बजट के बाद भारत के कई बैंकों ने फिक्स्ड डिपॉजिट पर अपनी ब्याज दरों में परिवर्तन किए हैं। ज्यादातर बैंकों ने ब्याज दर बढ़ा दी है, लेकिन कुछ बैंकों में ब्याज दरों में कटौती की है। हम आपको बताते हैं कि किस बैंक ने ब्याज दर में क्या परिवर्तन किया है। 

BANK FD NEW INTEREST RATES 

  • SBI FD RATE - 1 से 3 साल के लिए 0.25% की वृद्धि जबकि 3 से 5 साल के लिए 0.15% की वृद्धि। 
  • HDFC BANK FD RATE - 1 से 3 साल के लिए 0.20% की वृद्धि जबकि 3 से 5 साल के लिए 0.10% की वृद्धि। 
  • BANK OF BARODA FD RATE - 2 से 3 साल के लिए 0.25% की वृद्धि जबकि 3 से 5 साल के लिए 0.15% की वृद्धि। 
  • PNB FD RATE - 1 से 3 साल के लिए 0.20% की वृद्धि जबकि 3 से 5 साल के लिए 0.10% की वृद्धि। 
  • ICICI BANK FD RATE - 5 साल से अधिक की अवधि के फिक्स डिपॉजिट पर 0.10% की कटौती। 
  • AXIS BANK FD RATE - 5 साल से अधिक की अवधि के फिक्स डिपॉजिट पर 0.15% की कटौती। 

डिस्क्लेमर - ध्यान देने योग्य महत्वपूर्ण बिंदु 

कृपया किसी भी बैंक में फिक्स डिपाजिट करने से पहले ब्याज दर की अधिकृत पुष्टि करें। 
बैंक की अधिकृत मोबाइल एप्लीकेशन पर ब्याज दर प्रदर्शित की जाती है। 
बैंक की किसी भी ब्रांच में आपको वर्तमान ब्याज दर के बारे में बताया जाएगा। 
बैंक के अधिकृत कस्टमर केयर नंबर से वर्तमान में प्रचलित ब्याज दर के बारे में पूछ सकते हैं। 
कृपया धनराशि जमा करने से पहले किसी भी एजेंट अथवा अनाधिकृत सूचना पर विश्वास ना करें। 

BANK FD पर 9.50% ब्याज सही है या म्यूचुअल फंड

कुछ छोटे बैंकों द्वारा फिक्स डिपॉजिट पर 9.50% तक ब्याज की घोषणा की गई है। पिछले कुछ सालों में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा नियमों का उल्लंघन करने वाले बैंकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। हाल ही में पेटीएम पेमेंट बैंक पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। ऐसी स्थिति में सवाल आता है कि, जब बैंक में जमा धनराशि भी जोखिम में है तो फिर बैंक सही है या म्यूचुअल फंड। 

यहां इस बात पर गौर करना जरूरी है कि, सेविंग और फिक्स डिपाजिट के मामले में सभी बैंकों पर विश्वास करना उचित नहीं होगा। कई बैंक ऐसे हैं जिनकी अपनी बैलेंस शीट में गड़बड़ चल रही है। आरबीआई द्वारा ऑडिट किया जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में केवल अधिक ब्याज दर के लालच में फिक्स डिपाजिट करना जोखिम पूर्ण हो सकता है। सरकारी बैंकों के अलावा आरबीआई ने प्राइवेट सेक्टर में केवल एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक सही बताया है। यदि जोखिम ही लेना है तो म्युचुअल फंड सही है। म्युचुअल फंड में 15% वार्षिक रिटर्न का पूर्वानुमान है एवं पिछले साल कुछ म्युचुअल फंड ने 60% तक वार्षिक रिटर्न दिया है। 

व्हाट्सएप में प्रतिदिन बिजनेस आइडियाज एवं बिजनेस न्यूज़ प्राप्त करने के लिए कृपया यहां क्लिक करके व्हाट्सएप कम्युनिटी ज्वाइन करें। पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा पढ़े जा रहे समाचार पढ़ने के लिए कृपया यहां क्लिक कीजिए इसी प्रकार की जानकारियों और समाचार के लिए कृपया यहां क्लिक करके हमें गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें यहां क्लिक करके हमारा टेलीग्राम चैनल सब्सक्राइब करें

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Accept !