शिवराज सिंह जी, क्या आप जानते हैं लोग आपसे इतने नाराज क्यों हैं - Khula Khat

आदरणीय महोदय जी
, 2008 में आप आशाओं का केंद्र हुआ करते थे और 2023 में लोग आपसे इस कदर नाराज है कि कड़ाके की ठंड में आपके खिलाफ खुले मैदानों में खड़े हैं। आइए आज कुछ बिंदुओं का ध्यान करते हैं जिसके कारण आपकी तमाम सफलताओं के बावजूद लोग आपसे नाराज हैं:-

1. मध्य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री जी 11 मई 2013 रायसेन अंत्‍योदय मेले मे 3 वर्ष कार्य करने वाले अतिथिशिक्षकों को संविदा नियुक्‍ति देने की बात करते है पर बाद मे कोई संविदा नियुक्‍ति नहीं दी जाती है।
2. संचालक लोक शिक्षण एस के दीक्षित जी 15/5/2017 को सुनील सिंह परिहार प्रशासनिक समिति सदस्‍य संयुक्‍त अतिथिशिक्षक संघ को प्रेषित पत्र मे अतिथिशिक्षकों को पात्रता परीक्षा उत्‍तीर्ण करने के उपरांत शिक्षक चयन प्रक्रिया मे 5,10,15 अंक बोनस देने की बात करते हैं अनुभव के आधार पर ये बोनस अंक चयन प्रक्रिया मे नही दिये जाते है। 2018 मे म.प्र शासन अपने राजपत्र मे अतिथिशिक्षकों को 25% आरक्षण शिक्षक भर्ती मे देने का नियम बना देता है।

3. म.प्र के मुख्‍यमंत्री जी अपने 26 जनवरी के उद्बोधन मे संविदा नियमितिकरण की बात करते है फिर 2018 मे अपने निवास पर कर्मचारी नेताओं के सामने भी यही बात दोहराते है बाद मे 5 जून 2018 को संविदा नीति जारी कर दी जाती है पर 90% बढ़े हुए वेतन के लिए अब भी संविदाकर्मी तरस रहें है इस नीति मे उनके लिए 20% आरक्षण स्‍थायी भर्ती प्रक्रिया मे चयनित होने पर दिया जायेगा ऐसा आदेश कर देते है जबकि संविदाकर्मी भी वैधानिक चयन प्रक्रिया से चयनित होकर आये है और कई विभागों मे तो व्‍यापम से चयनित होकर आये है फिर उनकों दुबारा चयन परीक्षा देने को कहना अवैधानिक‍ है क्‍योंकि इसी व्‍यापम के आधार पर उनको व कई विभागों मे कर्मचारियों को नियमित किया जा चुका है इसका उदाहरण सविदा शिक्षक है जो व्‍यापम के बाद अध्‍यापक संवर्ग निर्मित कर नियमित किए जा चुके है।

4. म.प्र के मुख्‍यमंत्री जी 2018 चुनाव पूर्व 5 एकड़ तक संबल लाभ देने की बात करतें है परंतु अभी तक 2.5 एकड़ के लिए ही संबल लाभ देने के आदेश है।

5. इस वर्ष 2023 मे होने वाली वर्ग 1 शिक्षक भर्ती में ग्रेजुएशन एवं पीजी मे सेम विषय होने पर ही वर्ग 1 मे नियुक्‍ति की पात्रता होगी जबकि अभी बहुत से अभ्‍यार्थी ग्रेजुएशन के बाद पीजी मे विषय बदल लेते है या बदल चुकें है उनको सरकार ने एक झटके मे चयन प्रक्रिया से बाहर कर दिया।

6. म.प्र सरकार ने अपने 2018 एवं 2022 के संशोधित राजपत्र मे प्राथमिक शिक्षकों के 125000 पद रिक्‍त बतायें है उसके बाद भी युवाओं द्वारा निरंतर की जा रही 51000 प्राथमिक शिक्षक पदों की मॉंग पर सरकार मौन धारण किये हुए है।

इस तरह से जनता व युवा लगातार सरकार के पलटू रवैये से निराश होती जा रही है मुख्‍यमंत्री जी को सोच समझकर वक्‍तव्‍य देना चाहिये। ✒ आशीष कुमार बिरथरिया 

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