MP NEWS- मुख्यमंत्री ने जिला शिक्षा अधिकारी, तहसीलदार और मनरेगा अधिकारी को सस्पेंड किया

भोपाल
। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज सीधी जिले के जिला शिक्षा अधिकारी पवन सिंह, तहसीलदार आंचल अग्रहरि और पूर्व मनरेगा अधिकारी प्रदीप शुक्ला को सस्पेंड कर दिया है। उन्होंने कहा कि यहां पर जो मनरेगा अधिकारी थे उनकी मेरे पास बहुत शिकायत आई है। प्रदीप शुक्ला इन दिनों कटनी में पदस्थ है। सीएम शिवराज सिंह चौहान की इस प्रकार की कार्रवाई मध्य प्रदेश के अधिकारी एवं कर्मचारी जगत में सुर्खियां बनी हुई है।

मनरेगा अधिकारी प्रदीप शुक्ला सस्पेंड, सरपंच सचिवों ने शिकायत की थी

सीधी में सभा को संबोधित करते समय CM शिवराज ने कहा कि मुझे मनरेगा परियोजना अधिकारी प्रदीप शुक्ला की कई शिकायतें मिली हैं। सीधी में पदस्थ रहने के दौरान उन्होंने कई गड़बड़ियां की हैं। वे अभी कटनी में पदस्थ हैं, वहां भी गड़बड़ी कर रहे हैं। इसलिए यहां के पूर्व मनरेगा अधिकारी को मैं तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर रहा हूं। 

तहसीलदार आंचल अग्रहरी, बिना वजह नामांतरण की फाइल पेंडिंग रखने का आरोप

सीएम ने मंच से रामपुर नैकिन की प्रभारी तहसीलदार आंचल अग्रहरी को भी सस्पेंड किया। आंचल सीधी जिले की बहरी तहसील में पदस्थ थीं। उन पर रामपुर नैकिन का प्रभार भी है। तहसीलदार की कार्यप्रणाली के खिलाफ पूर्व मंत्री व सिहावल विधायक कमलेश्वर पटेल ने दो महीने पहले ग्रामीणों के साथ धरना दिया था। उन्होंने नामांतरण प्रकरणों में लापरवाही सहित अन्य समस्याओं को लेकर आंचल अग्रहरि को बहरी से हटाने की मांग की थी। इसके बाद उनको रामपुर नैकिन के प्रभारी तहसीलदार के रूप में पदस्थ किया था। अब सीएम शिवराज ने उन्हें निलंबित कर दिया है।

जिला शिक्षा अधिकारी पवन सिंह सस्पेंड, अतिथि शिक्षक से रिश्वत मांगी थी

सीएम ने जिला शिक्षा अधिकारी पवन सिंह को भी निलंबित किया है। उन पर रिश्वत मांगने के आरोप हैं। कुछ दिन पहले एक ऑडियो सामने आया था। जिसे जिला शिक्षा अधिकारी पवन सिंह और सिहावल ब्लॉक के हायर सेकेंडरी स्कूल हटवा खास की अतिथि शिक्षक मौसमी शुक्ला के बीच हुई बातचीत का बताया गया था। इस ऑडियो में पवन सिंह अतिथि शिक्षक मौसमी का अटका हुआ वेतन दिलाने के बदले उससे दो महीने का वेतन मांग रहे थे। डीईओ कहते हैं कि मुझे भी सभी को देना होता है। इसलिए मैं आपसे रुपए मांग रहा हूं। इसमें अतिथि शिक्षक उनसे नेगोशिएशन करती हैं तो डीईओ पहले 15 हजार रुपए देने की मांग करते हैं।

मुख्यमंत्री ने इन अधिकारियों की प्रशंसा की 

सीएम ने लोगों को संबोधित करते हुए मझौली तहसीलदार वीके पटेल, जिला समन्वयक (स्कूली शिक्षा) सुजीत मिश्रा की तारीफ भी की। सीएम ने कहा कि मुझे लोगों से इन अफसरों का फीडबैक मिला है। लोगों ने बताया कि ये अच्छा काम कर रहे हैं। जब जनता से प्रशंसा आती है तो अच्छा लगता है। मानसिंह सैयाम CEO जनपद पंचायत मझौली के बारे में भी बहुत अच्छी रिपोर्ट मिली है। मैं उन्हें भी बधाई देता हूं।