GWALIOR में रिटायर्ड SI ने बदनामी के डर से ₹10 लाख दिए, फिर भी सुसाइड करना पड़ा- खुलासा

ग्वालियर।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में आज एक रिटायर्ड SI के आत्महत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। सब इंस्पेक्टर ने ब्लैकमेलिंग से तंग आकर फांसी लगाकर अपनी जान देने का आत्मघाती कदम उठाया था। पुलिस को घर से मिले सुसाइड नोट में भी इन आरोपियों के नाम थे। पुलिस ने एक दर्जन के लगभग आरोपियों पर खुदकुशी के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

शहर के गोला का मंदिर स्थित पंचशील नगर निवासी जयश्रीराम मुजौरिया रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर थे। 22 नवंबर को उन्होंने घर की चौथी मंजिल पर बने कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी थी। हादसे का पता उस समय चला था जब बेटा उन्हें तलाशते हुए ऊपर आया तो दरवाजा बंद था। जब पड़ोसी की छत से वह अपनी छत पर पहुंचा और अंदर देखा तो यहां पर रिटायर्ड SI फांसी के फंदे पर लटका हुआ था। तत्काल ही उसने उन्हें फंदे से उतारा और अस्पताल ले गए। जहां पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को निगरानी में लेकर पोस्टमार्टम कराया। साथ ही मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी थी। घटना स्थल से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला था जिसमें कई चौकाने वाली बातें थीं।

पुलिस ने जांच की तो पता चला कि मृतक ने सुसाइड करने से पहले एक सुसाइड नोट लिखा था। जिसमें आरोपी उन्हें झूठे दुष्कर्म के मामले में फंसाने की धमकी देकर ब्लैकमेल कर रहे थे और फोन पर धमकाने के साथ ही अब वह घर आकर भी धमका रहे थे, जिससे उन्होंने जान दी थी। आरोपियों ने रिटायर्ड दरोगा को ब्लैकमेल कर करीब दस लाख रुपए से ज्यादा ऐंठ लिए थे। पर आरोपियों का मन इससे भी नहीं भरा था। आरोपियों ने अब ब्लैकमेल कर उनके GPF का पूरा पैसा निकाल लिया था और इसी के बाद से दारोगा परेशान थे और फांसी लगाकर जान दी थी।

पुलिस ने रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर द्वारा सुसाइड करने के मामले की जांच के बाद संसार खान, आरजू खान, रूखसार, नगमा, रेशमा खान, पिंटू खान, सोनू खान, गुलसन खान, भैया खान और डॉक्टर सतीश गोयल के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया है। जिसके बाद पुलिस पड़ताल कर रही है।

गोला का मंदिर थाना प्रभारी धर्मेन्द्र यादव ने बताया

रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर द्वारा फांसी लगाकर जान देने के मामले की जांच के बाद दस लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मामला दर्ज किया है। आरोपी उन्हें ब्लैकमेल कर रहे थे और उससे परेशान होकर ही उन्होंने जान दी थी।