Small Business Ideas- बड़े कारोबार की छोटी शुरुआत, 3 साल में करोड़ों की कंपनी बन सकती है

स्मॉल स्केल बिजनेस आईडियाज तभी सफल होते हैं जब आप लोगों की प्रॉब्लम सॉल्व कर रहे होते हैं। कई बार प्रॉब्लम को सॉल्व करने वाले स्टार्टअप अपने आप में प्रॉब्लम बन जाते हैं लेकिन आपके पास कोई केस स्टडी हो तो आप पूरी निश्चिंता के साथ बड़े कारोबार की छोटी शुरुआत कर सकते हैं। 

आज अपन एक ऐसे ही यूनिक बिजनेस आइडिया के बारे में डिस्कस करेंगे, लेकिन उससे पहले एक छोटी सी कहानी जो इसके लिए बहुत जरूरी है। PLASTO के बारे में तो आप जानते ही हैं। पानी की टंकी बनाने वाली भारत की सबसे बड़ी कंपनी, लेकिन बहुत सारे लोग नहीं जानते कि यह कंपनी अपने शुरुआती दिनों में लगातार घाटे में चल रही थी और बंद होने की स्थिति में आ गई थी। 

विशाल अग्रवाल ने इस कारोबार की कमान अपने हाथ में ली। मार्केट रिसर्च किया और ऐसी पानी की टंकी बनाई जिसमें गर्मियों में पानी ज्यादा गर्म नहीं होता था। प्रोडक्ट लोगों को पसंद आया और डिमांड भी बढ़ी लेकिन कारोबार मुनाफे में नहीं आया। सबसे बड़ी प्रॉब्लम थी ट्रांसपोर्टेशन। प्लास्टो की पानी की टंकी का वजन कम होता है लेकिन जगह ज्यादा लगती है। इसलिए ट्रांसपोर्ट संचालक ज्यादा भाड़ा मांगते हैं। इसके कारण टंकी की कीमत बढ़ जाती थी। 

इस प्रॉब्लम को विशाल के बड़े भाई नीलेश अग्रवाल ने सॉल्व किया। उन्होंने स्टडी किया कि ट्रक का इंजन वजनदार माल को ट्रांसपोर्ट करने के लिए बनाया गया है। इसलिए उसका माइलेज कम मिलता है और ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बढ़ जाती है। नीलेश अग्रवाल ने यात्री बस की चेसिस खरीद कर उसमें ट्रक की बॉडी लगा दी। माइलेज बन गया और ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट कम हो गई। साथ ही स्पीड भी बढ़ गई यानी कम समय में ज्यादा डिलीवरी की जाने लगी। आज प्लास्टो कंपनी का 50% मार्केट शेयर है। हर महीने 100 करोड़ों रुपए की टंकियों की बिक्री होती है। 

यह तो थी उनकी सफलता की कहानी और उनकी सफलता के पीछे इसके अलावा भी कई कारण है लेकिन इस कहानी में एक बड़ा बिजनेस आइडिया छुपा हुआ है। सिर्फ पानी की टंकी ही नहीं बल्कि ऐसे बहुत सारे प्रोडक्ट है जिनका वजन कम होता है। उनका ट्रांसपोर्टेशन भी काफी महंगा होता है और इसके कारण उस प्रोडक्ट की कीमत भी बहुत ज्यादा हो जाती है। 

यदि अपन भी बस की चेसिस खरीद कर उसमें ट्रक की बॉडी फिट करें और अपनी एक ट्रांसपोर्ट सर्विस शुरू करें तो बहुत सारे कारोबारियों की प्रॉब्लम सॉल्व हो जाएगी। मार्केट में अपनी मोनोपोली बन जाएगी। कम वजन वाली वस्तुओं का ट्रांसपोर्टेशन तेज गति से और कम कीमत पर किया जा सकेगा। शुरुआत केवल एक यूनिट से कर सकते हैं। फिर धीरे-धीरे ट्रांसपोर्टेशन कंपनी बना लेंगे।