CNG को टैक्स फ्री कर देना चाहिए, सब्सिडी देनी चाहिए, विशेषज्ञों ने कहा- NEWS TODAY

पेट्रोल डीजल के बाद भारत में इन दिनों CNG के दाम तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। सरकार के पास वही जवाब हैं, जो पेट्रोल डीजल के बारे में दिए जाते हैं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में मूल्य वृद्धि के कारण दाम बढ़ रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि CNG का मामला, पेट्रोल-डीजल से अलग है। यह पर्यावरण के लिए फायदेमंद है इसलिए CNG को टैक्स फ्री कर देना चाहिए। दाम अपने आप गिर जाएंगे।

अर्चित फुरसूले क्लाइमेट ट्रेंड्स नाम की संस्था में एक स्वच्छ ऊर्जा परिवहन विशेषज्ञ के तौर पर काम करते हैं। इस संदर्भ में उनका मानना है कि, “प्रदूषण करने वाले पेट्रोल/डीज़ल और लगभग शून्य उत्सर्जन करने वाले एलेक्ट्रिक वाहन के बीच कि खाई को पाटने के लिए बेहद कम कार्बन उत्सर्जन करने वाली सीएनजी भारत में बहुत पहले ही मुख्यधारा में आ जानी चाहिए थी। 

इस संदर्भ में वैश्विक परिस्थितियों को सीएनजी के बढ़े दामों के लिए दोषी ठहराते हुए फिनलैंड में साल 1969 में स्थापित एक सार्वजनिक शोध विश्वविद्यालय, लपीनरान्ता-लाहती युनिवर्सिटी ऑफ टेक्नालजी (LUT) के स्कूल ऑफ एनर्जी सिस्टम्स में सौर अर्थव्यवस्था के प्रोफेसर मनीष राम कहते हैं, “हाँ, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। मगर  जिस तरह से वैश्विक बाज़ार में प्राकृतिक गैस की कीमतों में उछाल देखने को मिल रही है, भारत में ऐसा कुछ होना अपेक्षित है।

अर्थशास्त्र के प्रोफेसर उमाकांत कश्यप का कहना है कि CNG से पेट्रोल और डीजल के समान ईंधन के तौर पर डील नहीं किया जा सकता। CNG की बात अलग है। पेट्रोल और डीजल से कार्बन उत्सर्जित होता है। उसे खत्म करने के लिए सरकार को करोड़ों रुपए खर्च करना पड़ता है। इस खर्चे को निकालने के लिए सरकार को पेट्रोल और डीजल पर टैक्स लगाना पड़ता है। CNG से ना के बराबर कार्बन उत्सर्जित होता है। उसे खत्म करने के लिए सरकार को कुछ भी खर्च नहीं करना पड़ेगा, सरकार का पैसा बचेगा इसलिए सरकार को CNG को टैक्स फ्री करके उसकी उपलब्धता को और अधिक सरल बना देना चाहिए। 

पत्रकार उपदेश अवस्थी का कहना है कि सरकार और दुकानदार में फर्क होता है। दुकानदार हमेशा अपना मुनाफा देखता है, लेकिन सरकार मुनाफा नहीं देखती। शायद यह विषय अब तक सरकार के ध्यान में नहीं लाया गया होगा। जिनके कंधों पर पर्यावरण की रक्षा का भार है, शायद उन्होंने बताया नहीं होगा कि यदि नेटजीरो का लक्ष्य प्राप्त करना है, तो सरकारी पॉलिसी कुछ ऐसी ही बनानी पड़ेगी। जो चीजें पर्यावरण के लिए फायदेमंद है उनमें सरकार को सब्सिडी भी देनी पड़े, तो देनी चाहिए।