जरूर पढ़िए, भारत के संविधान की पृष्ठभूमि क्या है- what is the background of the Constitution of India

संविधान क्या है
? :- कानून के जानकार के अलावा आम व्यक्ति को जो ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करते हैं उन्हें आजतक संविधान के बारे में पता ही नहीं है हम आपको सरल एवं स्पष्ट शब्दों में बताएं कि संविधान क्या है एवं इसका गठन कैसे और क्यूँ किया गया हैं जानिए।

जब नियम कानून है तो संविधान की जरूरत क्या है

किसी भी स्वतंत्र (आजाद) देश की शासन व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए दिशा-निर्देशों की आवश्यकता होती है और इन दिशा-निर्देशों का एकमात्र साधन उस देश का संविधान होता है, एवं वह उस देश की सर्वोत्तम मौलिक विधि होती है। संविधान द्वारा प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करके ही संसद और राज्यों की विधानसभा में कानून बनाए जाते हैं और जिन्हें कानूनी अधिकार प्राप्त होते हैं वही नियम बना पाते हैं। यानी यदि किसी देश में संविधान नहीं होगा तो वहां कानून और नियम भी नहीं होंगे। अतः हम कह सकते हैं की एक अच्छा संविधान ही राष्ट्र के पूर्ण विकास में भरपूर योगदान एवं सहायता दे सकता है।

भारतीय संविधान की संरचना कैसे हुई जानिए:-

भारत के संविधान के निर्माण की अगर बात करे तो इसका निर्माण एक संविधान सभा द्वारा किया गया हैं, जिसकी स्थापना का श्रेय कैबिनेट मिशन योजना,1946 को जाता है।

प्रारंभ में संविधान सभा में वकुल 389 सदस्य थे, जिनमे से 292 प्रान्तों के प्रतिनिधि, 3 मुख्य आयुक्त प्रान्तों के, 93 राज्यों के प्रतिनिधि एवं 1 बलूचिस्तान का प्रतिनिधि था। 1947 में देश के बंटवारे के बाद मुस्लिम लीग के अपने सदस्यों को संविधान सभा से वापस बुला लिया था, इसके बाद संविधान सभा में सदस्यों की संख्या 299 रह गई।

संविधान के निर्माण हेतु संविधान से सम्बंधित 22 समितियों का गठन किया गया, जिसमें से 12 समितियां मूल मामलों से सम्बंधित थी एवं 10 समितियां कार्यविधि संबंधित मामलों से सम्बंधित थी। 22 समितियों द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर डॉ. भीमराव अंबेडकर की अध्यक्षता में एक सात सदस्यीय प्रारूप समिति ने संविधान का एक प्रस्ताव तैयार किया जिसे जनवरी, 1948 में प्रकाशित कर दिया गया। 

जनता को इस प्रारुप पर विचार करने एवं संशोधन बताने के लिए आठ महीने का समय दिया गया। कुल 7635 संशोधन सदन में पेश किए गए जिसमें से 2473 पर बहस हुई एवं उन्हें निपटाया गया।

संविधान प्रारूप को जनता, प्रेस एवं प्रांतीय सभाओं के साथ विचार-विमर्श एवं विभिन्न सुझावों के उपरांत संविधान सभा ने 26 नवंबर 1949 को संविधान को अपना लिया एवं संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ श्री राजेन्द्र प्रसाद जी ने हस्ताक्षर कर ही दिए।

इस प्रकार पूरे 2 वर्ष 11 माह एवं 18 दिन का समय लगा एवं 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान को पूरी तरह से लागू कर दिया गया। 

संविधान निर्माण की कुछ महत्वपूर्ण जानकारी 
1. सर्व प्रथम संविधान निर्माण का विचार स्वराज पार्टी ने 1934 में दिया।
2. डॉ भीम राव अम्बेडकर को भारतीय संविधान का जनक कहा जाता है।
3. संविधान सभा की बैठक 167 दिन तक चली।
4. संविधान सभा ने सर्वप्रथम राष्ट्रीय ध्वज की सर्वप्रथम 22 जुलाई,1947 की स्वीकार किया 
5. संविधान सभा ने जन गण मन भारत के राष्ट्रीय गान को 24 जनवरी 1950 को अपनाया।
6. संविधान सभा में वयस्क मताधिकार की आयु 15 वर्ष जो यह मुद्दा मौलाना आजाद ने उठाया है।
7. संविधान सभा में कुल 11 सत्र  हुए जो  प्रथम सत्र  9 से 23 दिसम्बर,1946 तक चला एवं ग्यारहवा सत्र 14 से 26 नवंबर,1949 तक चला। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article) :- लेखक बी.आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665

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