कितना भी बड़ा स्कूल हो, कार्रवाई करें, सभी स्कूलों की जांच करें- मुख्यमंत्री के निर्देश- BHOPAL NEWS

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में संचालित हाई प्रोफाइल बिल्लबोंग हाई इंटरनेशनल स्कूल की बस में सिर्फ दिखाने के लिए सीसीटीवी कैमरा की जानकारी सामने आने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल के पुलिस कमिश्नर को तलब कर लिया। उन्होंने कहा कि कितना भी बड़ा स्कूल हो, कड़ी कार्रवाई करें। 

मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया है कि सभी स्कूल बसों के ड्राइवरों का पुलिस वेरिफिकेशन किया जाए। यदि वह नशा करते हैं तो उन्हें स्कूल बस के लिए डिसक्वालीफाई किया जाए। सभी स्कूल बसों में सीसीटीवी कैमरे चेक किए जाएं और सुनिश्चित किया जाए कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का पालन हो रहा है। जहां भी गड़बड़ी मिले कार्रवाई करें। स्कूल संचालकों में क्लियर मैसेज जाना चाहिए। गलती करेंगे तो सजा मिलेगी। 

उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद मध्य प्रदेश के ज्यादातर प्राइवेट स्कूलों की बसों में सीसीटीवी कैमरे नहीं है। कुछ स्कूलों ने तो कार्रवाई से बचने के लिए अपनी ही बसों को अनुबंधित बस के रूप में दर्ज कर लिया है। खबर तो यह भी है कि जिला शिक्षा अधिकारियों द्वारा प्राइवेट स्कूलों से नियमित रूप से रिश्वत वसूली की जाती है। बदले में प्राइवेट स्कूलों की जांच नहीं की जाती और संकट के समय साथ दिया जाता है।

सीएम शिवराज सिंह चौहान के कार्यालय की ओर से बताया गया है कि उन्होंने प्रातः 7:00 बजे बुलाई आपात बैठक में निर्देश देते हुए कहा कि भोपाल के एक निजी स्कूल की बस में बेटी के साथ हुई वारदात विश्वास को हिला देने वाली घटना है। माता-पिता अपने बच्चों को भरोसे पर स्कूल भेजते हैं, यह भरोसा बनाए रखना स्कूल प्रबंधन का दायित्व है।

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भोपाल के सभी स्कूलों के ड्रायवरों तथा बसों में चलने वाले स्टाफ का परीक्षण हो। अपराधी रिकॉर्ड और चारित्रिक रूप से दोषी व्यक्तियों को ना रखा जाए। इस स्टाफ के प्रशिक्षण और कानूनी प्रावधानों के संबंध में कार्यशाला आयोजित की जाएं।

इसके साथ ही बच्चों और पालकों में पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों के संबंध में जागरूकता और जानकारी पर केन्द्रित प्रशिक्षण सभी शासकीय और निजी शालाओं में आयोजित किए जाएं। पुलिस भी पालकों और समाज के साथ प्रभावी तरीके से इस विषय पर संवाद करें।