बादल कितने प्रकार के होते हैं, मसूराकार बादल की विशेषता क्या है- GK in Hindi

हम अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में जब फ्रिज ( रेफ्रिजरेटर ) में रखी किसी वस्तु को बाहर निकालते हैं तो आपने देखा होगा कि उसकी सतह पर पानी की कुछ बूंदे दिखाई देती हैं। इस प्रक्रिया को संघनन या कंडेंसेशन (Condensation) कहा जाता है। चूँकि रेफ्रिजरेटर के अंदर का तापमान (temperature) कम होता है और बाहर का तापमान अधिक होता है तो वायुमंडल में मौजूद जलवाष्प (water vapour) ठंडी सतह से टकराकर, जल की बूंदों के रूप में दिखाई देने लगती हैं। 

बादल कैसे बनते है / How do clouds form

जिस प्रकार रेफ्रिजरेटर से बाहर निकालने पर वस्तुओं की सतह पर जल की बूंदें दिखाई देती हैं जिसे संघनन कहते हैं। ठीक उसी प्रकार की प्रक्रिया बादलों के बनने और बारिश होने में भी होती है। हमारे वायुमंडल में उपस्थित जलवाष्प के कण बादल के रूप में  संघनितत (condense) हो जाते हैं और जब किसी गर्म सतह जैसे - गर्म हवाएं,  पहाड़ या ऊंचे-ऊंचे पेड़ों से टकराते हैं तो बरसने (वर्षण, presipitation) लगते हैं। 

बादलों के प्रकार / Types of clouds

आकार, आकृति और रंग के अनुसार बादल कई प्रकार के होते हैं जैसे- गोलाकार, बेलनाकार, ऊन के आकार के, कोमल रेशेदार, भूसे के ढेर के समान, काले, धूसर, सफेद आदि जो कि वायुमंडल के विभिन्न स्तरों पर पाए जाते हैं।

मसूराकार या लेंटिकुलर क्लाउड्स / Lenticular Clouds or Lenticulars

लेंटिकल (Lenticle) शब्द का अर्थ है  "लेंस का आकार" (Lence shaped) चूँकि  इन बादलों का ऊपरी तल ऊपर की ओर उठा होता है जबकि निचला तल फ्लैट या चपटा  होता है, जो कि गोलीय लेंस (Spherical lence) की आकृति बनाते हैं, इस कारण इन्हें लेंटिकुलर क्लाउड्स कहा जाता है। Lenticular cloud एक प्रकार के स्थिर (Stationary, स्टेशनरी क्लाउड) है जो कि मुख्य रूप से वायुमंडल के क्षोभमंडल (Troposphere layer) में बनते हैं। 

Lenticular  clouds Vs UFO

अगर आप मसूर की दाल को ध्यान से देखेंगे तो उसका आकार भी कुछ इसी तरीके का दिखाई देगा इस कारण इन्हें मसूराकार बादल भी कहा जाता है। यह लेंटिकुलर क्लाउड्स एक प्लेट या डिस्क के Shape की तरह होते हैं इसलिए इन्हें कई बार यूएफओ (UFO, Unidentified Flying Objects) की साइट (Sight) भी समझ लिया जाता है।