बिना बीमा वाहन चलाने पर सिर्फ चालान बनता है या जेल भी होती है, जानिए MV Act,1988

Motor vehicle act 1988 section 146 in Hindi

मोटर यान अधिनियम, 1988 की धारा 146 के अनुसार प्रत्येक मोटर यान चालक और उसका कोई अन्य सहायक कर्मी को भी तब तक मोटर वाहन का उपयोग नहीं करेगा जब तक उसने कोई बीमा पॉलिसी प्राप्त नहीं कर ली है।

मोटर यान अधिनियम, 1988 की धारा 196 की परिभाषा:-

कोई व्यक्ति जो धारा 146 का उल्लंघन करता है अर्थात बिना बीमा पॉलिसी करवाए वाहन चलाता है या चलवाता है या बीमा नहीं करवाता है तब ऐसे व्यक्ति को तीन माह की कारावास या दो हजार रुपए जुर्माना या दोनों से दण्डित किया जा सकता है। यही अपराध वह दोबारा या बार-बार करता है तब तीन माह की कारावास या चार हजार रुपये जुर्माना या दोनो से दण्डित किया जा सकता है। 

किन वाहनों को चलाने पर बीमा पॉलिसी लागू नहीं होती है जानिए:

1. केंद्रीय सरकार या राज्य सरकार यदि वाहन का उपयोग किसी वाणिज्यिक उद्यम से संबद्ध प्रयोजनों के लिए किया जा रहा है।
2. किसी स्थानीय प्राधिकरण द्वारा।
3. किसी राज्य परिवहन प्राधिकरण द्वारा या किसी समुचित सरकार के आदेश पर वहन किया जा रहा है।

अर्थात सामान्य शब्दों में कहे तो सभी प्रकार के निजी एवं कमर्शियल व्हीकल चालक को बीमा पॉलिसी लेना आवश्यक है अगर वह बिना बीमा पालिसी के वाहन का उपयोग करता है तब उसके खिलाफ क्या कार्यवाही हो सकती है जानिए। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article)

:- लेखक बी.आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665
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