MP BOARD NEWS - नई शिक्षा नीति के तहत कई बड़े बदलाव इसी साल से

भोपाल।
मध्यप्रदेश में New Education Policy के चलते CBSE के बाद अब एमपी बोर्ड में भी नए शैक्षणिक सत्र 2022- 23 में कई बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। माध्यमिक शिक्षा मंडल की ओर से दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले बच्चों को गणित की पढ़ाई अब दो पैटर्न में करने का मौका मिलेगा। दूसरा अहम फैसला बच्चे और दोस्त कर सकेंगे। सेल्फ असेसमेंट, 25% मार्क टीचर्स, साथी और खुद के हाथों में होंगे। इसके साथ ही जर्मन, स्पेनिश, फ्रेंच भाषा भी पढ़ाई जाएगी।

गौरतलब है कि सीबीएसई बोर्ड की तरह ही एमपी बोर्ड ने भी कक्षा दसवीं में गणित विषय को लेकर नया पैटर्न लागू किया है। अब दसवीं कक्षा में ही स्टैंडर्ड और बेसिक दो प्रकार के गणित के पेपर होंगे। यदि बच्चा गणित की जगह कोई दूसरा विषय लेना चाहता है तो उसके पास बेसिक लेवल का पेपर चुनने की आजादी रहेगी। इसके लिए बच्चे को परीक्षा फॉर्म भरते समय विकल्प चुनना होगा। इस बड़े बदलाव को दसवीं बोर्ड परीक्षा में ही पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू कर दिया जाएगा।

यदि किसी छात्र ने मैथमेटिक्स बेसिक चुना है और वह एग्जाम पास कर लेता है तो वह अपने स्तर को सुधारने के लिए कंपार्टमेंट एग्जाम में मैथमेटिक्स स्टैंडर्ड की परीक्षा दोबारा भी दे सकता है परंतु यह साफ है कि अगली कक्षा में गणित विषय में ही बच्चे ले सकेंगे जिन्होंने स्टैंडर्ड लेवल से गणित की परीक्षा दी हो।

इसके साथ ही दूसरा बड़ा बदलाव यह होगा कि अब एमपी बोर्ड में self-assessment यानी आत्म मूल्यांकन भी होगा। यानी बच्चों को खुद का मूल्यांकन करना होगा। इसके 25% अंक बच्चे खुद दे सकेंगे या फिर साथी या किसी टीचर्स से मिलेंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति का यह पैटर्न सीबीएसई स्कूलों में पहले ही लागू हो चुका है।

भाषा की बात करें तो अब जर्मन, स्पेनिश, फ्रेंच पढ़ने का मौका भी मिलेगा। हालांकि इन विषयों के शिक्षकों की भर्ती को लेकर स्थिति अभी साफ नहीं है। अभी तक गिनती की ही भाषा के विकल्प थे। नए पैटर्न में तेलुगु, कन्नड़, मलयालम जैसी भाषाएं भी जुड़ गई हैं। रखने वाली पद्धति की जगह अब समझ कर पड़ने पर जोर दिया जाएगा सब्जेक्ट पेपर ऑब्जेक्टिव के 40- 40% और 20% अंक एनालिटिकल के रहेंगे और कांसेप्ट पर जोर होगा। माध्यमिक शिक्षा मंडल अब सेमेस्टर मॉडल भी अपनाने की तैयारी में है लेकिन इससे खर्च दोगुना बढ़ जाएगा। 10वीं 12वीं परीक्षा पर अभी 50 से 60 करोड़ रुपए खर्च होते हैं. लिहाजा इस पर बोर्ड बैठक में फैसला होगा। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें.