MP NEWS- 12वीं टॉपर्स के नंबर काट रही है सरकार ताकि मेधावी छात्र योजना का खर्चा बचे

भोपाल।
मध्यप्रदेश में यह बिल्कुल नए तरीके की गड़बड़ी शुरू हुई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जनहितकारी योजनाओं की घोषणा करते हैं और फिर एक टीम कुछ ऐसा करने में जुट जाती है जिसके कारण ज्यादातर लोगों को योजना का लाभ न मिल पाए। यानी योजना तो चलती रहे परंतु खर्चा ना हो। 

बड़ी ही चतुराई के साथ सिर्फ एक नंबर कम किया गया

मध्यप्रदेश की मेधावी छात्र योजना में भी गड़बड़ी हुई है। यह गड़बड़ी सागर में रहने वाले हेमंत शुक्ला के बेटे शांतनु शुक्ला के मामले में पकड़ी गई। शांतनु ने एक्सीलेंस स्कूल से कक्षा 12 की परीक्षा दी थी। उसे पूरा कॉन्फिडेंस था कि उसके नंबर 80% के आसपास आएंगे और किसी भी कीमत पर 75% से कम नहीं होंगे, लेकिन जब रिजल्ट आया तो 75% में मात्र एक नंबर कम (74.8%) था। 

रिटोटलिंग में भी हतोत्साहित किया गया

शांतनु ने नियमानुसार चैलेंज किया और रिटोटलिंग के लिए अप्लाई किया, लेकिन उसके नंबरों में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। ज्यादातर स्टूडेंट्स के पेरेंट्स इस मोड़ पर आकर हार जाते हैं। अपने बच्चे को दोष देते हैं और प्रयास बंद कर देते हैं परंतु हेमंत शुक्ला ने अपने बेटे पर भरोसा जताया। हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया। 

हाईकोर्ट के आदेश पर हुआ फिर से मूल्यांकन, 28 नंबर बढ़ गए

हाईकोर्ट ने माध्यमिक शिक्षा मंडल को आदेशित किया कि शांतनु की उत्तर पुस्तिकाओं का फिर से मूल्यांकन किया जाए। इस बार सब कुछ पारदर्शी करना मजबूरी था। जब रिजल्ट सामने आया तो एक नहीं 28 नंबर बढ़कर मिले। इस प्रकार शांतनु शुक्ला के प्राप्तांक 75% से अधिक 80.4% हो गए, जैसा कि उसे कॉन्फिडेंस था। 

अब गड़बड़ी का गणित समझिए

मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री मेधावी योजना के तहत 75% से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों कि हायर एजुकेशन का सारा खर्चा सरकार उठाती है। आरोप है कि मूल्यांकन के समय यह कोशिश की गई कि 75% के आस पास प्राप्तांक वाले विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार 75% से नीचे लाया जाए ताकि योजना के लिए उनकी पात्रता समाप्त हो जाए और सरकार का खर्चा बचे। यदि ऐसी कोई साजिश नहीं होती तो जब शांतनु ने MP BOARD में आवेदन दिया था, उसके रिजल्ट में उसी समय सुधार हो गया होता। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें.