बिना दवाई, मेमोरी बढ़ाने और परीक्षा में टॉप करने क्या करें, यहां पढ़िए- How to Memorize 10 Times Faster

शक्ति रावत।
आपने अकसर ज्यादातर लोगों को कहते सुना होगा कि पढ़ते और सुनते तो बहुत कुछ हैं, लेकिन याद नहीं रहता। जब उस जानकारी की जरूरत पड़ती है, तब वह मौके पर ना तो याद आती है, और ना ही काम। खुद आपने भी इस बात का अनुभव जीवन में कभी ना कभी किया होगा। ऐसा इसलिये होता है, कि हमन पढऩे और सुनने की कला के कुछ नियमों पर अमूमन ध्यान नहीं देते। जब हम कुछ पढ़ या सुन रहे होते हैं, तब वास्तव में हमारा ध्यान उस जगह पर होता ही नहीं है। तो अगर आप चाहते हैं, कि आपको पढ़ा या सुना हुआ हमेशा के लिए याद रह जाए तो इन चार नियमों को आज से ही अपना लीजिये। क्योंकि ज्ञान वही जो मौके पर काम आए।

1- ध्यान देकर पढ़ें या सुनें- Memory Management Tips

जब आप कुछ पढ़ या किसी को सुन रहे हैं, जैसे सेमीनार या मीटिंग में तो उस समय वहां सौ फीसदी मौजूद रहने की कोशिश करें। ध्यान यहां वहां ना भटकने दें। पढ़ते या सुनते समय सामान्य रहें और कही जा रही बातों पूरा ध्यान दें। आप गंभीरता के साथ कुछ भी सुनेंगे या पढ़ेंगे तो वह हमेशा के लिए याद रह जाएगा, और बोलने वाले को भी लगेगा कि उसकी बात गंभीरता से सुनी जा रही है। सुनते और पढ़ते समय बार-बार फोन में उलझे रहने की बीमारी से बचें। 

2- बीच-बीच में पूछें प्रश्न- Memory management techniques

अगर आप किसी को ऑन या ऑफलाइन सुन रहे हैं, किसी बेवीनार या मीटिंग या मंच पर तो बीच में उस विषय से संबधित सवाल जरूर पूछें। इससे यह तो पता चलता ही है कि आप बात गौर से सुन रहे हैं, आपकी जानकारी भी बढ़ती है। साथ ही जब आप सवाल-जबाव करते हैं तो वह बातचीत आपको हमेशा याद रहेगी।

3- नोट्स बनाएं- How to Memorize Faster

किसी भी बात को लंबे समय तक या हमेशा याद रखने का आसान नियम है, नोट्स बनाना। आप किसी को सुन रहे हैं, या कुछ पढ़ रहे हैं, तो अपने साथ हमेशा डायरी और पेन रखें। ताकि कोई महत्वपूर्ण बात, घटना, कोई आंकड़ा या फिर जानकारी के खास पांइट नोट कर सकें। लिखने से बात जल्दी याद होती है, साथ ही नोट्स बना लेने पर आप उसे बाद में पढ़ और समझ सकते हैं, साथ ही जरूरत पढऩे पर देख भी सकते हैं। 

4- बॉडी लैंग्वेज पर भी दें- Methods of memorization 

अगर आप किसी को सुन रहे हैं, तो उसकी बॉडी लैंग्वेज यानि देहभाषा पर भी ध्यान दें। कई बार अहम चीजें हमें किसी के बोलने के स्टाइल या बात को रखने के ढंग या किसी खास हावभाव के कारण भी याद रह जाती है। इसी तरह अगर आप पढ़ रहे हैं, तो लेखक की बात के सार को पकडऩे की कोशिश करें, वह कहना क्या चाह रहा है, अगर सार आपकी पकड़ में आ जाए तो आपको वह बात या जानकारी हमेशा याद रह जाएगी। - लेखक मोटीवेशनल एंव लाइफ मैनेजमेंट स्पीकर हैं। स्वास्थ्य से संबंधित समाचार एवं जानकारियों के लिए कृपया Health Update पर क्लिक करें