COLLEGE NEWS- एडमिशन की प्रक्रिया बदलने वाली है, अगले साल कट ऑफ नहीं होगा

नई दिल्ली।
भारत की सभी सरकारी एवं प्राइवेट यूनिवर्सिटी में एडमिशन की प्रक्रिया बदलने वाली है। कट ऑफ सिस्टम खत्म किए जाने पर विचार किया जा रहा है। दिल्ली यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह का कहना है कि यह प्रक्रिया गलत है। जिस बोर्ड के परीक्षा के नियम सख्त होते हैं, उसके ब्रिलिएंट स्टूडेंट्स को एडमिशन नहीं मिलता। 

भारत की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के माध्यम से पूरे भारत के विश्वविद्यालयों में एडमिशन के लिए कॉमन एंट्रेंस टेस्ट का प्रस्ताव रखा गया था। वर्तमान शिक्षा सत्र में इसे लागू नहीं किया जा सका लेकिन एक बार फिर शिक्षाविदों के बीच कॉलेज में एडमिशन का मामला विचार मंथन का केंद्र बन गया है। यह स्वीकार किया जा रहा है कि भारत के सरकारी एवं प्राइवेट कॉलेजों में एडमिशन की प्रक्रिया काफी जटिल है। 

सभी शिक्षाविद इस बात पर सहमत हैं कि कक्षा 12 उत्तीर्ण करने के बाद अपने पसंदीदा कोर्स में एडमिशन लेने के लिए स्टूडेंट कई यूनिवर्सिटी में एक साथ अप्लाई करता है। जिस यूनिवर्सिटी की एडमिशन प्रोसेस पहले शुरू हो जाती है। उस यूनिवर्सिटी में सबसे ज्यादा एडमिशन हो जाते हैं, क्योंकि पेरेंट्स और स्टूडेंट सेकंड यूनिवर्सिटी का वेट करने का रिस्क नहीं लेना चाहते। ऐसी स्थिति में कई बार स्टूडेंट को उसकी पसंदीदा यूनिवर्सिटी नहीं मिल पाती। 

आरक्षण की सुविधा प्राप्त छात्र एक साथ कई यूनिवर्सिटी में अपनी सीट आरक्षित कर लेते हैं। इसके कारण भी परेशानी होती है। भारत के विभिन्न राज्यों में संचालित विभिन्न प्रकार के शिक्षा बोर्ड की शिक्षा प्रणाली और परीक्षा पैटर्न में अलग-अलग हैं। कुछ एजुकेशन बोर्ड अपने सामान्य बच्चों को भी अच्छे नंबर देते हैं जबकि कुछ बोर्ड सख्त नियमों का पालन करते हैं और ब्रिलिएंट स्टूडेंट भी 90% तक भी प्राप्त नहीं कर पाते। ऐसी स्थिति में कटऑफ के आधार पर एडमिशन देना गलत माना गया है। 

कोटे की क्लास अलग लगानी चाहिए 

एडमिशन के दौरान कुछ सीटें विभिन्न प्रकार की कोटि के लिए आरक्षित होती हैं। व्यवहारिक रूप से पूरी तरह सत्य बात है कि नेताओं के दबाव में कई सीटों पर एडमिशन देना पड़ता है। अब जबकि एजुकेशन का सिस्टम बदल रहा है तो डिमांड बढ़ रही है कि कोटे की क्लास अलग से लगाई जानी चाहिए, ताकि कोटे वाले एडमिशन के कारण कोई दूसरा स्टूडेंट फ्रस्ट्रेशन का शिकार ना हो। उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें.