कचनार के महादेव, जबलपुर- मन को शांति मिलती है, निरंकुशता के विचार खत्म हो जाते हैं

जबलपुर में महादेव यानि भगवान शिव की इस प्रतिमा की ऊंचाई 76 फुट (23 मीटर) है। यह भारत की सबसे ऊंची शिव प्रतिमा में से एक है। यह प्रतिमा प्राचीन नहीं है परंतु कहते हैं कि यहां आकर मन को शांति मिलती है। अपनी शक्तियों के कारण मन में जो निरंकुशता के भाव पैदा हो जाते हैं वह इस प्रतिमा के नीचे आकर स्वत: ही नष्ट हो जाते हैं।

महादेव की यह विशाल प्रतिमा एक गुफा के ऊपर स्थापित है। इस गुफा में 12 ज्योतिर्लिंग से लाए गए शिवलिंगम स्थापित है। 


कचनार सिटी स्थित विशाल शिव प्रतिमा सन 2004 में बनाई गई थी और 15 फरवरी 2006 में इसे भक्तों के दर्शन एवं पूजा आदि के लिए लोकार्पित किया गया। यह भव्य शिव प्रतिमा कचनार सिटी की पहचान है और जबलपुर सराउंडिंग का प्रमुख आस्था केंद्र है। 


यहाँ, भगवान शिव की मूर्ति एक बाघ की त्वचा पर बैठे दिखाया गया है। चूंकि बाघ इच्छा को इंगित करने के लिए माना जाता है, और यह दर्शाता है कि भगवान शिव ने पूरी इच्छा पूरी कर ली है। 


महादेव के चार हाथ उनकी विशाल शक्ति का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह जबलपुर के अति सुन्दर धार्मिक पर्यटन स्थलों में से एक है। 


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