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GWALIOR NEWS- जिस पर भाई से ज्यादा विश्वास किया उसी दोस्त ने ठेकेदार को मार दिया

ग्वालियर
। प्रॉपर्टी डीलर और ठेकेदार सचिन तोमर की मौत के मामले में पुलिस ने अमित जैन को गिरफ्तार किया है। आरोपी अमित जैन ठेकेदार सचिन तोमर का बचपन का दोस्त था। दोनों के बीच रिश्ता इतना मजबूत था कि सचिन तोमर अपने भाई से ज्यादा अमित जैन पर विश्वास करता था। पुलिस ने दावा किया है कि सचिन तोमर ने अमित जैन से ₹400000 उधार लिए थे। वापस नहीं कर रहा था इसलिए अमित जैन ने उसकी हत्या कर दी।

गोला का मंदिर में पुरुषोत्तम विहार निवासी सचिन तोमर पुत्र श्यामवीर तोमर प्रॉपर्टी डीलर और ठेकेदार था। वह मार्केट में ब्याज पर भी पैसा चलाता था। गुरुवार रात वह घर से कार लेकर निकला था। रात 10 बजे उनका मोबाइल बंद हो गया था। उसने मोहना किसी से पैसे लेने जाने की बात कही थी। शुक्रवार सुबह सिरोल थाना पुलिस को गश्त के दौरान एक कार सिरोल पहाड़ी पर लावारिस हालत में खड़ी देखी। कार के अंदर देखा, तो अंदर एक युवक मृत अवस्था में पड़ा था। पुलिस ने कार के नंबर से जांच की, तो मृतक की पहचान सचिन तोमर के रूप में हुई। सूचना पर परिजन भी मौके पर पहुंच गए। शव नीला पड़ गया था, जिससे जहर देने की आशंका भी थी। पुलिस ने फोरेंसिक एक्सपर्ट साइंटिस्ट अखिलेश भार्गव को मौके पर बुलाया था। उन्होंने साफी से गला घोंटने की बात कही थी। पुलिस ने जहर की आशंका के चलते भी बिसरा सुरक्षित रख लिया था। 

रुपए मांगने पर इतनी नफरत कि दोस्त का गला दबा दिया

मृतक के परिजन ने बताया था कि वह किसी से रुपए लेने मोहना गया था। पनिहार के टोल पर जाते और आते समय गाड़ी दिखाई भी दी है। यहीं से पुलिस को क्लू मिला। गाड़ी में सचिन के साथ दही मंडी का व्यापारी व उसके स्कूल टाइम का दोस्त अमित जैन भी था। फिर पुलिस ने अमित को उठाया और पूछताछ की। पहले तो वह गुमराह करता रहा, लेकिन पुलिस ने सख्ती की, तो उसने पूरी कहानी बता दी।पुलिस को बताया, सचिन से उसने 4 लाख रुपए उधार लिए थे, पर वह लौटा नहीं पा रहा था। सचिन बार-बार मांग रहा था, इसलिए उसने दो अन्य साथियों के साथ हत्या कर दी।

पहले शराब पिलाई फिर साफी से गला घोंटा

अमित ने पुलिस को बताया कि मोहना से लौटते समय अमित ने सचिन को शराब पार्टी करने के लिए कहा फिर गाड़ी को सिरोल पहाड़ी पर ले गए। यहां चारों ने शराब पार्टी की। जब सचिन को नशा होने लगा तो अमित ने गले में साफी से गला घोंट दिया। जब अमित, सचिन का गला घोंट रहा था तो उसके दोनों साथी सचिन के हाथ पकड़े थे। इसके बाद वह चाबी, मोबाइल और पर्स लेकर भाग गए। पुलिस ने अमित को हिरासत में लेकर मामले का खुलासा किया है।

अमित को पता था धंधा
ठेकेदार ब्याज पर भी पैसा चलाता था। बाजार में व्यापारियों को वह अमित के माध्यम से ही पैसा देता था। दोनों के बीच में अच्छी ट्यूनिंग थी।


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