दूध में चूना मिलाकर पिएं तो क्या कैल्शियम की मात्रा बढ़ जाएगी - HOME REMEDIES for CALCIUM

यह तो हम सभी जानते हैं कि चूना कैल्शियम का सबसे प्राकृतिक स्त्रोत है। यह भी हम जानते हैं कि दूध कैल्शियम का अच्छा स्त्रोत है। सवाल यह है कि क्या दूध में थोड़ा सा चूना मिलाकर पी जाएंगे तो कैल्शियम की मात्रा बढ़ जाएगी, या फिर कोई गड़बड़ हो जाएगी। आइए पता लगाते हैं:- 

आयुर्वेदाचार्य बाग्वट ने चुने के औषधीय उपयोग के बारे में काफी कुछ बताया है। दूध हमेशा बढ़ती उम्र के बच्चों के लिए दिया जाता है। दूध पीने के कारण ना केवल बच्चों की लंबाई बढ़ती है बल्कि दूध में मौजूद कैल्शियम के कारण बच्चों की हड्डियां भी मजबूत होती है। यदि एक गिलास दूध में गेहूं के दाने के बराबर शुद्ध चूना मिलाकर पिया जाए तो लंबाई बढ़ाने के मामले में इसका काफी सकारात्मक परिणाम मिलता है, लेकिन ध्यान रखें यह प्रयोग ना तो जीवन भर के लिए है और ना ही नियमित रूप से किया जा सकता है। प्रत्येक 15 दिन के बाद 15 दिन का ब्रेक देना होता है। नहीं तो कैल्शियम की अधिकता वाले नुकसान होने लगते हैं। 

चूने का सेवन किसके साथ करेंगे तो क्या फायदा होगा 

शुक्राणु संबंधी रोग दूर करने के लिए गन्ने के रस में चूना मिलाकर पिलाया जाता है। इस प्रयोग का लाभ करीब डेढ़ साल बाद दिखाई देता है। 
गर्भवती माताओं को भी गन्ने के रस में चूना मिलाकर पिलाने की सलाह दी जाती है।
स्टूडेंट्स में मेमोरी बढ़ाने के लिए दही, दाल अथवा पानी में चूना मिलाकर सेवन करने से स्मरण शक्ति बढ़ती है।
जिन बच्चों की बुद्धि स्लो चलती है, चूने का सेवन करने से उनकी बुद्धि में तेजी आ जाती है।
गर्भवती माताओं को एक चाय का कप अनार के रस में गेहूं के दाने के बराबर चूना मिलाकर 9 महीने लगातार पिलाने से नॉर्मल डिलीवरी की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। 
नवजात शिशु पूरी तरह से विकसित एवं स्वस्थ होता है।
शिशु की इम्युनिटी पावर काफी अच्छी होती है। 
एक खतरनाक बीमारी है Spondylitis, वो चूने से ठीक होता है।
रीड की हड्डी की बीमारियों में चूना सबसे अच्छी औषधि माना गया है।
फ्रैक्चर की स्थिति में चूना कैल्शियम का सबसे अच्छा विकल्प है।

क्या चूना खाने से इम्यूनिटी बढ़ती है 

चूना का सेवन यदि हल्दी के साथ किया जाए तो यह विषनाशक औषधि बन जाती है। शरीर में फ्री रेडिकल और यूरिक एसिड नहीं बन पाता है, जिससे लंग्स समेत अन्य अंगों में सूजन नहीं आती। दोनों औषधियां प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती हैं। निश्चित रूप से दोनों मिलकर मनुष्य के शरीर की इम्यूनिटी को बढ़ाते हैं। 

विशेष नोट:- किसी भी बीमारी के उपचार के लिए चूने का प्रयोग हमेशा किसी आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह के बाद करना चाहिए। 1 दिन में एक गेहूं के दाने से ज्यादा मात्रा में चूने का सेवन नहीं करना चाहिए। जीवन में चूने का सेवन फायदेमंद है परंतु जीवन भर चूने का सेवन नहीं किया जा सकता। यदि कोई बीमारी नहीं है तो 15 दिवस से अधिक चूने का सेवन नहीं करना चाहिए।


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